69000 शिक्षक भर्ती में खामियां सुधारेगी सरकार

उत्तर प्रदेश69000 शिक्षक भर्ती में खामियां सुधारेगी सरकार

Date:


69000 शिक्षक भर्ती में खामियां  सुधारेगी सरकार

  • 6000 सीटों पर होगी आरक्षित वर्ग की भर्ती, प्रक्रिया शुरू
  • 17 हजार खाली पदों पर होंगी नई भर्ती

ऊषा सिंह

प्रदेश सरकार 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण की खामियों को सुधारेगी। इसके लिए 6000 सीटों पर आरक्षित वर्ग के प्रभावित अभ्यर्थियों की भर्ती की जाएगी। बेसिक शिक्षा राज्य  मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) सतीश द्विवेदी ने बताया कि प्रक्रिया शुक्रवार से ही शुरू कर दी गई है। वहीं 17000 खाली पदों पर सरकार ने नई भर्ती का ऐलान किया है।

Read also: डीयू की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने स्वीकार किए शिक्षक भर्ती के नए प्रावधान

चुनाव से पहले सरकार पर बढ़ रहा था दबाव

प्रदेश सरकार ने 2019 में बेसिक शिक्षकों के 69000 पदों पर भर्ती की थी। इसमें छात्रों ने आरक्षण में धांधली का आरोप लगाया था। तब से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों ने विधान भवन से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक प्रदर्शन किया। विपक्षी दलों का समर्थन भी उन्होंने हासिल किया। तब से विपक्षी दल इसको चुनाव में भी मुद्दा  बना  रहे हैं। पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी विसंगतियां सुधारने के आदेश सरकार को दिए थे। वहीं विधान परिषद  में भी इस मामले पर विपक्ष  ने सरकार को घेरा था। उसके बाद सरकार ने यह निर्णय निर्णय लिया है।

6 जनवरी तक नियुक्ति पत्र

सतीश द्विवेदी ने बताया कि आरक्षित वर्ग की भर्ती के लिए प्रॉसेस फ्लो(प्रक्रिया) शुक्रवार को ही राज्य सूचना विज्ञान केंद्र को उपलब्ध  करा दी जाएगी। इस प्रक्रिया के अनुसार आरक्षित वर्ग के चयनित अभ्यर्थियों की लिस्ट 28 दिसंबर तक तैयार हो जाएगी। राज्य सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा उपलब्ध कराई गई लिस्ट का परीक्षण 29 दिसंबरर तक किया जाएगा। केंद्र की वेबसाइट पर यह लिस्ट 30 दिसंबर को जारी कर दी जाएगी। उसके बाद जिला स्तर  पर दस्तावेजों का परीक्षण 3 जनवरी से 5 जनवरी तक किया जाएगा। नियुक्ति पत्र 6 जनवरी तक जारी कर दिए जाएंगे। सतीश द्विवेदी ने बताया कि सुप्रीम  कोर्ट के आदेश पर कुल 1,37,000 पदों पर दो चरणों(68500 और 69000) में शिक्षकों की भर्ती की गई। इनमें खाली 17000 पदों पर नई भर्ती का निर्णय लिया गया है।

असमंजस में सरकार

एक ओर आरक्षण घोटाले का आरोप लगाकर ओबीसी, एससी और विकलांग छात्र आंदोलन कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर सवर्ण छात्रों का दबाव था कि जो भर्ती हो गई उसमें बदलाव न किया जाए। यही वजह है कि सरकार इस मामले को लेकर असमंजस में फंसी हुई थी। अब दोनों को खुश करने का रास्ता सरकार ने निकाला है। आरक्षित  वर्ग के 6000 छात्रों की भर्ती करने के  साथ ही ही पहले चरण और दूसरे चरण में खाली 17 हजार पदों पर  नई भर्ती का निर्णय लिया गया है।

Read also: मप्र में ओबीसी आरक्षण पर कांग्रेस ने दर्ज कराई अपनी उपस्थिति

अब भी आंदोलन के मूड में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी

सरकार के इस निर्णय के बाद भी आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी खुश नहीं हैं। आंदोलन कर रहे 69000 भर्ती पीड़ित एससी ओबीसी मोर्चा के अभ्यर्थी राजेश चौधरी कहते हैं कि सरकार मान रही है कि गड़बड़ हुई है तो जिन छह हजार को गलत भर्ती किया है उनको निकाले। हालांकि आरक्षण में धांधली 18000 से 20000 पदों पर हुई है। ओबीसी में 27 प्रतिशत की बजाय सिर्फ 3.85 प्रतिशत ही आरक्षण मिला है। वहीं एससी को 21 प्रतिशत की जगह 16.6 प्रतिशत को आरक्षण मिला है। अभ्यर्थी जल्द ही कोर्ट जाएंगे।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्रता क्या है? कौन आवेदन कर सकता है?

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का लाभ लेने से पहले...

ममता बनर्जी का बीजेपी पर हमला, बोलीं- मैं तब तक लड़ती रहूंगी, जब तक आपका अंत नहीं देख लूं

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC)...

एम्‍वे इंडिया ने प्रीमियम स्किनकेयर पोर्टफोलियो का किया विस्तार

न्‍यूट्रीलाइट स बॉटैनिकल्स की खूबियों से भरपूर आर्टिस्‍ट्री स्किन...