मेरठ: भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने केंद्र सरकार पर कृषि मंत्री को पिंजरे का तोता बनाने का आरोप लगाया है. नरेश टिकैत का कहना है कि किसानों से बातचीत के लिए सरकार को अपनी जिद छोड़नी होगी।
ट्रैक्टर रैली के जरिया शक्ति प्रदर्शन
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा कानून वापस न लेने पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के टोल प्लाजा पर धरना दे रखा है। गुरुवार को मुजफ्फरनगर व सहारनपुर के किसानों द्वारा गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचकर सरकार को अपनी ताकत का एहसास कराने के लिए ट्रैक्टर रैली निकाली गई। रैली के दौरान भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि अभी मुजफ्फरनगर व सहारनपुर से ट्रैक्टर रैली निकाली गई है। अब शनिवार व रविवार को शामली, बागपत, हापुड़, गाजियाबाद आदि जिलों से ट्रैक्टर रैलियां निकाली जाएंगी और गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचेंगे।
पिंजरे का तोता
उन्होंने कहा कि देश का किसान भी कमजोर नहीं है। हमेशा बातचीत के लिए बीच के रास्ते खुले हुए हैं। लेकिन सरकार को अपनी जिद छोड़कर किसानों से माफी मांगनी होगी। नरेश टिकैत ने कहा कि कृषि मंत्री अच्छे हैं, सरकार ने उन्हें पिंजरे का तोता बना रखा है , यदि उन्हें फैसले का अधिकार मिल जाय तो फैसला हो जाएगा।
मोदी-शाह की सोच ग़लत
नरेश टिकैत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित अमित शाह अच्छे हैं मगर उनकी सोच गलत है। उन्होंने किसान भटका दिए हैं, जिस कारण भाजपा की नाव डूबने की कगार पर है। सरकार को लगता है कि कृषि कानून से बड़ी कोरोना महामारी है तो सरकार कानून वापस लेकर किसानों को घर भेज दे। यदि सरकार उनकी नहीं सुनती तो धरना जारी रहेगा।

