लाइफस्टाइल डेस्क | Golden Temple Facts – स्वर्ण मंदिर हरमंदिर साहिब जिसे श्री दरबार साहिब के नाम से भी जाना जाता है, वे सिख धर्म का मुख्य तीर्थस्थल है | यहां सिख धर्म के लोग ही नही बल्कि दुनिया भर से भी श्रद्धालु आते है | ये गुरुद्वारा अमृतसर के बीच में है और इस पर सोने की परत है, जो की एक आकर्षण का केंद्र है | इस स्वर्ण मंदिर का निर्माण कार्य शुरू पांचवें गुरु अर्जनदेव ने करवाया था, जो की आज ये भारत के मुख्य पर्यटक स्थलों में से एक है | इसीलिए आज हम इस सुन्दर स्वर्ण मंदिर के बारे में कुछ रोचक बाते जानेगे:
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स्वर्ण मंदिर के निर्माण से पहले गुरु नानक जो की सिखों के प्रथम गुरु थे उन्होंने इस जगह पर ध्यान किया था | यहां चार मुख्य द्वार है जो चारों दिशाओं में खुलते हैं और धार्मिक मान्यताओ के अनुसार चार दिशाओं में दरवाजों का मतलब है की किसी भी धर्म का इंसान यहां आ सकता है |
स्वर्ण मंदिर सरोवर के बीच में बनाया गया है क्योकि इस सरोवर को पवित्र माना जाता है | इसके अलावा, पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब सबसे पहले स्वर्ण मन्दिर में ही स्थापित हुआ था |
स्वर्ण मंदिर सफ़ेद मार्बल से बना हुआ है, जिसे सोने से ढका गया है | इसके साथ ही इसमें सिख धर्म की प्राचीन ऐतिहासिक वस्तुओ का प्रदर्शन भी किया गया है, जिसे दूर – दूर से लोग देखने आते है |
स्वर्ण मंदिर में दुनिया का सबसे बड़ा किचन है जहां रोजाना तकरीबन 1 लाख से अधिक लोगों को निशुल्क भोजन कराया जाता है। भोजन को लंगर कहते हैं, जिसे लोग प्रसाद की तरह लेते है |
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स्वर्ण मंदिर में कई कार्यक्रम होते है जैसे की शहीदी दिवस, प्रकाशोत्सव, लोहड़ी, बैसाखी, संक्रांति, दिवाली आदि, लेकिन साथ ही यहां कुछ नियमों का पालन भी करना होता है |
अगर कभी भी आप अमृतसर जाए तो स्वर्ण मंदिर के दर्शन जरूर करे और साथ ही वहां के लंगर का प्रसाद जरूर ग्रहण करे |

