सोने की कीमतों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिछले दो माह में सोने में 12 प्रतिशत की तेजी आई है। ग्लोबल कीमतों में तेजी के बीच घरेलू बाजार में सोना(gold) बेहद शानदार रिटर्न दे रहा है। क्या स्पॉट क्या फ्यूचर हर जगह सोने के दाम लगातार रिकॉर्ड बना रहे हैं। यूएस फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) के अधिकारियों के बयानों के बाद यूएस डॉलर इंडेक्स (US Dollar Index) और यूएस बेंचमार्क बॉन्ड यील्ड (US Benchmark Bond Yield) में आई गिरावट की वजह से ग्लोबल मार्केट में सोने पर तेजी आई है। इन बयानों से इस बात के संकेत मिलते हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक अगले साल मई से ब्याज दरों में कटौती शुरु कर सकता है।
घरेलू फ्यूचर मार्केट
घरेलू फ्यूचर बाजार में एमसीएक्स (MCX) पर सोने का बेंचमार्क दिसंबर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट बढ़कर 62,606 रुपए प्रति 10 ग्राम के न्यू ऑल टाइम हाई(new all-time high) पर पहुंच गया है। पिछले कारोबारी सत्र में इसने 62,423 रुपए का हाई बनाया था। फरवरी कॉन्ट्रैक्ट तो इससे आगे जाकर 62,934 रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड हाई तक पहुंचा है।
इससे पहले MCX पर सोने का बेंचमार्क फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 5 अक्टूबर को 56,075 रुपए प्रति 10 ग्राम तक नीचे चला गया। इस तरह से देखें तो उसके बाद से सोने की कीमतों में तकरीबन 12 प्रतिशत की तेजी आई है।
घरेलू स्पॉट बाजार में सोना
हाजिर (स्पॉट) बाजार में सोने की कीमत अपने उच्चतम स्तर पर हैं। Indian Bullion and Jewellers Association (IBJA) के अनुसार सोना 24 कैरेट (999) 862 रुपए की मजबूती के साथ 62,775 रुपए प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई पर है। पिछले महीने के अंत (31 अक्टूबर) में सोना 24 कैरेट (999) 61,370 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। जबकि अक्टूबर की शुरुआत में यह 56,500 के स्तर पर था।
ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमत ऊंचाई पर
अंतरराष्ट्रीय बाजार (global market) में सोने की कीमत 6 महीने से अधिक की ऊंचाई यानी 5 मई के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर है। स्पॉट गोल्ड (spot gold) कारोबार में बढ़कर 2,049.80 डॉलर प्रति औंस की ऊंचाई तक चला गया है। स्पॉट गोल्ड इसी साल 5 मई को 2,072.19 डॉलर प्रति औंस की ऊंचाई तक पहुंच गया था। इससे पहले 2020 में इसने 2,072.49 का ऑल टाइम हाई बनाया था।
इसी तरह यूएस दिसंबर गोल्ड फ्यूचर्स भी 2,052.1 की ऊंचाई तक जा पहुंचा है। फरवरी कॉन्ट्रैक्ट तो 2,072.7 डॉलर प्रति औंस के हाई तक चला गया था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स इसी साल 5 मई को 2,085.40 की ऊंचाई तक जा पहुंचा था। जबकि अगस्त 2020 में इसने 2,089.2 का रिकॉर्ड हाई बनाया था। इजरायल पर हमास के हमले से ठीक एक दिन पहले यानी 6 अक्टूबर को इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड 1,809.50 डॉलर प्रति औंस के अपने 7 महीने के निचले स्तर पर था।
सोने की कीमतों में तेजी की वजह
जानकारों के अनुसार यूएस फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) के अधिकारियों के बयानों के बाद यूएस डॉलर इंडेक्स (US Dollar Index) और यूएस बेंचमार्क बॉन्ड यील्ड (US Benchmark Bond Yield) में तेज गिरावट है। इसके फलस्वरूप सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी आई और घरेलू लेवल पर कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। इन बयानों से इस बात के संकेत मिले हैं कि अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दौर छूट गया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक अगले साल मई से ब्याज दरों में कटौती की शुरुआत कर सकता है।

