World Gold Council: सोने की बढ़ती कीमतों के कारण इसकी मांग में तेजी से गिरावट आ रही है। जून तिमाही में सोने की डिमांड़ में 7 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट में कहा है कि पिछले साल की तुलना में 2023 की दूसरी तिमाही में सोने का आयात 16 से बढ़कर 209 टन पर पहुंच गया। 2023 की पहली छमाही में Gold demand का अनुमान 271 टन है। 2023 में Gold की मांग 650-750 टन के बीच होने का अनुमान है।
देश में सोने की मांग में तेजी से गिरावट आई है। अप्रैल-जून तिमाही में सोने के रिकॉर्ड उच्च घरेलू बाजार कीमतों में बढ़ोत्तरी के कारण सोने की मांग 7 प्रतिशत घटकर 158.1 टन हो गई है। बता दें कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना खरीदने वाला देश है। यह जानकारी वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने दी है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट में कहा है कि पिछले साल की तुलना में 2023 की दूसरी तिमाही में सोने का आयात 16 से 209 टन पर पहुंचा।
दूसरी तिमाही में सोने की मांग में 7 प्रतिशत की गिरावट
WGC इंडिया के क्षेत्रीय सीईओ सोमसुंदरम पीआर के मुताबिक, दूसरी तिमाही में सोने की मांग में 7 प्रतिशत की गिरावट मौजूदा कीमतों में रिकॉर्ड बढोतरी के कारण हुई है। ऊंची कीमतों के चलते सोना खरीदने की क्षमता और उपभोक्ता की जेब पर इसका जोरदार प्रभाव पड़ा है।
उन्होंने कहा कि पीली धातु की कीमतों में बहुत कम समय में 64,000 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। देश में समग्र कर अनुपालन के कारण सोने की मांग में कुछ कमी दर्ज की गई है। WGC की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल दूसरी तिमाही में देश की सोने की मांग 170.7 टन के मुकाबले सात प्रतिशत घटकर 158.1 टन ही रह गई है।
दूसरी तिमाही में सोने की डिमांड
दाम के संदर्भ में, भारत की दूसरी तिमाही में सोने की डिमांड 4 प्रतिशत बढ़कर 82,530 करोड़ रुपए हो गई। जो पिछले साल में इसी अवधि में 79,270 करोड़ रुपए रही थी। कुल सोने की मांग में दूसरी तिमाही में सोने के जेवरों की मांग 8 प्रतिशत से घटकर 128.6 टन पर पहुंच गई है। जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह 140.3 टन रही थी।

