गत 31 अगस्त से गणेशोत्सव प्रारंभ हो चुका है। दस दिवसीय गणेशोत्सव का आज छठां दिन हैं। इन दस दिनों में गणेश की पूजाअर्चना करने का विशेष महत्व माना गया है। श्रीगणेश अंक में भगवान गणेश के 12 नामों का वर्णन किया हैं। जिनको बोल श्रीगणेश की पूजा करने से मनुष्य के दुखों का नाश हो जाता है और उसकी सभी इच्छा पूरी होती हैं। ये 12 नाम बोलकर करें श्रीगणेश पूजा, हर काम में मिलेगा किस्मत का साथ
प्रथमं वक्रतुण्ड च एकदन्तं द्वितीयकम्, तृतीयं कृष्णपिड्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम्।।
लम्बोदरं पंचमं च षष्ठं विकटमेव च, सप्तमं विघ्नराजेन्द्रं धूम्रवर्ण तथाष्टमम्।।
नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम्, एकादशं गणपतिं द्वादर्श तु गजाननम्।।
द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं यः पठेन्नरः, न च विध्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं परम्।।
पहला नाम वक्रतुण्ड, दूसरा एकदन्त, तीसरा कृष्णपिड्गाक्ष, चौथा गजवक्त्र, पांचवां लम्बोदर, छठा विकट, सातवां विघ्नराजेन्द्र, आठवां धूमवर्ण, नौवां भालचन्द्र, दसवां विनायक, ग्यारहवां गणपति और बारहवां नाम गजाजन बताया गया है। जो व्यक्ति प्रतिदिन भगवान गणेश के इन बारह नामों को जपा करता है। उसके सभी विघ्न खत्म हो जाती हैं।
विद्यार्थी लभते विद्यां, धनार्थी लभते धनम्।
पुत्रार्थी लभते पुत्रान्, मोक्षार्थी लभते गतिम्।।
यानी भगवान गणेश के इन बारह नामों का पाठ करने से विद्या चाहने वाले को विद्या और धन चाहने वाले को धन मिलता है। पुत्र चाहने वाले को पुत्र और मोक्ष की इच्छा रखने वाले को मोक्ष प्राप्ति होती है।
भगवान गणेश को बुद्धि का देवता माना है। अच्छी बुद्धि और विद्या के लिए गणेश की पूजाअर्चना की जाती है। श्रीगणेश अंक के मुताबिक जिस मनुष्य को अच्छी विद्या पाने की इच्छा हो। उसे भगवान गणेश के इन 12 नामों का पाठ करना चाहिए। नियमित रूप से जप करने से भगवान गणेश की कृपा हमेशा बनी रहेगी। मनुष्य की हर मनोकामना पूरी होती है।
धन की प्राप्ति
गणेश को सुख और समृद्धि का प्रतीक माना है। जिस मनुष्य को धनसंपत्ति पाने की इच्छा हो। उसे पूरी श्रद्धा के साथ भगवान गणेश के इन बारह नामों का पाठ करना चाहिए।
संतान की प्राप्ति
भगवान गणेश के बारह नामों को चमत्कारी माना जाता है। इनके जप से मनुष्य की सभी मनोकामना जरूर पूरी होती है। संतान चाहने वाले दंपत्ति को सुबह और शाम इनका पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से संतान पाने की इच्छा पूरी होती है।

