२२ अगस्त शनिवार को १० दिवसीय गणेश उत्सव आरम्भ हुआ. आज इस उत्सव का पांचवा दिन है। कोरोना काल में इस उत्सव की रौनक कुछ फीकी हुई है | सरकार ने उत्सव मानाने के लिए कुछ दिशा निर्देश जारी किये हैं जिनके तहत सामजिक दूरी बनाये रखना ज़रूरी है अतः पंडालों में मूर्तियों के अकार को छोटा रखना और भीड़ भाड़ ना होने देना जैसी बातों पर विशेष बल दिया गया है | इस कारण अधिकाँश गणपति भक्तों ने घरों में ही गणपति स्थापित किये हैं | कुछ नए प्रयोग भी देखने में आये हैं जैसे कहीं चॉकलेट से बने गणपति का पूजन किया जा रहा है तोह कहीं फूलों एवं पत्तों से बने गणपति बनाये गए हैं | मिटटी से बने इको -फ्रेडंली गणपति भी देखने को मिले हैं जिनका विसर्जन करना बेहद्द सरल है | बॉलीवुड के सेलेब्रिटीज़ में भी गणपति उत्सव का उल्लास देखने को मिल रहा है|
महाराष्ट्र का मुख्य त्यौहार होते हुए भी इस वर्ष गणपति उस्तव कोरोना के कारण कुछ फीका दिखाई पढ़ रहा है क्यूंकि महारष्ट्र में कोरोना संक्रमण की संख्या बहुत अधिक है | इस वर्ष महाराष्ट्र सरकार ने कुछ सख्त नियम बनाये हैं जिनके चलते प्रक्रिया में बदलाव आएगा |
गणपति दर्शन इस वर्ष डिजिटल माध्यम से ऑनलाइन किये जा रहे हैं | आवश्यकता आविष्कार की जननी है | कोरोना काल ने जैसे जीवन को प्रभावित किया है , उसी प्रकार उत्सव अनुष्ठान एवं पूजा पाठ में भी परिवर्तन देखने को मिला है| कोरोना ने जीवन की शैली को बदला है और इस न्यू नॉर्मल में भक्तों ने पूजा के नए तरीके इजात किये हैं
गणपति उत्सव समस्त संसार के लिए स्वस्थ, स्वच्छ, सुरक्षित एवं सयम से रहने का सन्देश दे रहा है

