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एनकाउंटर से लेकर महंगाई तक… अखिलेश का सरकार पर बड़ा हमलाबोले- “2027 में सत्ता मिली तो हर एनकाउंटर की होगी जांच”

Akhilesh

सपा प्रमुख का आरोप- “जाति और धर्म देखकर हो रही कार्रवाई”
महिलाओं की सुरक्षा, बिजली संकट और महंगाई को बनाया बड़ा मुद्दा

लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। कानून-व्यवस्था, कथित फर्जी एनकाउंटर, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, महंगाई और बिजली संकट जैसे मुद्दों को उठाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में डर और असुरक्षा का माहौल बनाया जा रहा है।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में हो रहे एनकाउंटर एक गंभीर सामाजिक और राजनीतिक सवाल बन चुके हैं। उनका कहना था कि इन कार्रवाइयों में सबसे ज्यादा पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कानून का शासन होना चाहिए, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में ताकत के आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं।

सपा प्रमुख ने दावा किया कि सरकार पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक एजेंडे के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि बाद में इन्हीं मामलों में पुलिसकर्मियों को कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अखिलेश ने साफ कहा कि अगर 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो अब तक हुए सभी एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया जाएगा।

महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। हाथरस और गाजीपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराध रोकने की बजाय विपक्ष की आवाज दबाने में लगी हुई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भी अखिलेश यादव ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। चाय की कीमत का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जो चाय कभी 2 रुपये में मिलती थी, वह आज कई गुना महंगी हो चुकी है।

बिजली संकट और प्रदूषण का मुद्दा उठाते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान का समर्थन भी किया, जिसमें केंद्र की राजनीति में बदलाव की बात कही गई थी।

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