नई दिल्ली। आज दिल्ली में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर राजस्थान के भाजपा के दिग्गज नेताओं की एक बैठक हुई। जिसमें पूर्व सीएम और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे भी शामिल हुईं।विगत दिनों दिल्ली में आयोजित सांसदों की बैठक में प्रदेश प्रभारी महासचिव अरुण सिंह, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, प्रदेश संगठन महासचिव चंद्रशेखर ने भाग लिया था।
लेकिन इस बैठक में पूर्व सीएम राजे उपस्थित नहीं हुई थीं। इससे पहले भी जयपुर और दिल्ली में संगठन की महत्वपूर्ण बैठकों में राजे अनुपस्थित ही रहीं। लेकिन आज 19 अप्रैल को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा के निवास पर हुई बैठक में राजे ने प्रभावी तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज की।
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भाजपा संगठन बैठक में राजे की उपस्थिति को राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा शीर्ष नेतृत्व भले ही गुटबाजी को स्वीकार न करें। लेकिन पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के समर्थकों और मौजूदा संगठन पदाधिकारियों के बीच खींचतान जगजाहिर है।
वसुंधरा राजे भी अपने जन्मदिन या अन्य कई अवसरों पर शक्ति प्रदर्शन करने से नहीं चूकती हैं। इससे पहले आठ मार्च को शक्ति प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने जयपुर में कहा था कि भाजपा में व्यक्ति नहीं संगठन सर्वोपरि है। संगठन से ही नेता बनतें हैं।
आज 19 अप्रैल को अध्यक्ष नड्डा के निवास पर जो बैठक हुई उसमें राजे के साथ प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, प्रदेश प्रभारी अरुण, उपनेता राजेंद्र राठौड़, प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया के अलावा संगठन महासचिव चंद्रशेखर उपस्थित रहे।
सूत्रों की मानें तो बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के प्रस्तावित राजस्थान दौरे को लेकर चर्चा हुई। बैठक में ही गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव में राजस्थान के भाजपा नेताओं की भूमिका को लेकर मंथन हुआ।
बता दें कि राजस्थान और गुजरात की सीमा जुड़ी है। योजना बनाई जा रही है कि राजस्थान सीमा से जुड़े गुजरात के जिलों में राजस्थान के भाजपा नेता प्रचार प्रसार करने के लिए जाएंगे। संगठनात्मक मंथन के दौरान नड्डा ने सभी नेताओं को हिदायत दी कि वे एकजुट होकर संगठन के लिए काम करें।
भाजपा का मानना है कि राजस्थान में मौजूदा सरकार के खिलाफ माहौल विरोध में है। ऐसे में भाजपा नेताओं की गुटबाजी का फायदा कांग्रेस को नहीं मिल पाए इसके लिए संगठन में गुटबाजी को खत्म करने पर जोर दिया जा रहा है। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पूनिया ने बूथ स्तर पर संगठन की तैयारियों के बारे में भी विस्तार से बताया।

