लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने नमाज के बाद भड़की हिंसा पर उप्र सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बुलडोजर से किसी एक विशेष समुदाय निशाना बनाया जा रहा है। बता दें कि प्रयागराज में जुमा नमाज के बाद हिंंसा के आरोपी जावेद का घर बुलडोजर से ध्वस्त किया गया है। उप्र सरकार की इस कार्रवाई को बसपा प्रमुख मायावती ने दोषपूर्ण बताया है। मायावती ने हाईकोर्ट से उप्र प्रदेश सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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बसपा प्रमुख मायावती ने गत शुक्रवार को प्रयागराज में हुई हिंंसा के मुख्य आरोपी जावेद का घर बुलडोजर से ध्वस्त करने के योगी आदित्यनाथ सरकार के फैसले को समुदाय विशेष के खिलाफ बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि इसके कारण देश की बदनामी हो रही है और एक विशेष समुदाय के खिलाफ कार्रवाई पक्षपात पूर्ण लग रही है। यह एक दोषपूर्ण कृत्य है। इसका संज्ञान हाईकोर्ट को लेना चाहिए। बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस बारे में एक ट्वीट किया है जिसमें कहा है कि यूपी सरकार एक समुदाय विशेष को टारगेट करके बुलडोजर विध्वंस व अन्य द्वेषपूर्ण आक्रामक कार्रवाई कर विरोध को कुचलने एवं भय व आतंक का जो माहौल बना रही है। यह अनुचित व अन्यायपूर्ण है। घर को ध्वस्त करके परिवार को टारगेट करने की दोषपूर्ण कार्रवाई का हाईकोर्ट संज्ञान ले।’
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पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि समस्या की मूल जड़ भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा और नवीन जिन्दल हैं। जिनके कारण भारत का मान-सम्मान प्रभावित हुआ।इनके कारण ही हिंसा भड़की है और उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं करके सरकार कानून का उपहास उड़ा रही है। दोनों आरोपियों को जेल नहीं भेजना घोर पक्षपात व दुर्भाग्यपूर्ण रवैया है। बसपा सुप्रीमों ने सत्ता पक्ष पर हमला करते हुए कहा कि सरकार ने नियम-कानून को ताक पर रख दिया है। बुलडोजर विध्वंसक कार्रवाईयों में बेगुनाह परिवार पिस रहे हैं बल्कि निर्दोषों के घर ढहाए जा रहे हैं।

