नई दिल्ली। ऑस्ट्रिया यात्रा पर पहुंचे विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने चीन और पाकिस्तान पर निशाना साधा। दोनों देशों को कठघरे में खड़ा करते हुए, कहा कि चीन ने समझौते तोड़े और एलएसी की स्थिति बदलने की कोशिश की। इस कारण चीन के साथ तनाव कायम है। पाकिस्तान आतंकवाद का अड्डा बना हुआ है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने विएना से चीन व पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया। सधे शब्दों में उन्होंने दुनिया को बताया कि चीन ने किस तरह से वास्तविक नियंत्रण रेखा को बदलने की कोशिश की। जयशंकर ने कहा कि यह सैटेलाइट युग है, इसमें सीमावर्ती क्षेत्रों की तस्वीरें साफ रहती हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि चीन के साथ समझौता है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सेना तैनात नहीं करेंगे। उसने इस समझौते का पालन नहीं किया। जयशंकर ने कहा कि हमने सैन्य दबाव झेला है। रेकॉर्ड बहुत स्पष्ट है कि आज बहुत पारदर्शिता है। उनके पास उपग्रह की फोटो हैं।
पाकिस्तान में चल रहे आतंकी शिविर
पाकिस्तान को लेकर जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादी भर्ती शिविर चला रहा है। वह दिनदहाड़े ऐसा कर रहा है। ऐसे में कैसे माना जाए कि एक संप्रभु देश, जो अपनी जमी का नियंत्रण करता है, उसे इसकी जानकारी नहीं? इन आतंकी अड्डों में आतंकियों को सेना और युद्ध की रणनीति का प्रशिक्षण दिया जाता है।
विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए कहा कि मैं उसके आतंकवाद के केंद्र से ज्यादा कठोर शब्द उपयोग कर सकता था। लेकिन हमारे साथ जो हो रहा है, उसको ध्यान में रखते हुए इसे एपिक सेंटर कहा है। एपिक सेंटर एक कूटनीतिक दुनिया का शब्द है। दरअसल पाकिस्तान ऐसा देश है, जिसने कुछ साल पहले संसद पर हमला किया था।’ जयशंकर ने अपने बयान पर कि आतंकवाद का केंद्र भारत के करीब स्थित है, पर सफाई देते हुए यह बातें कही।

