Credit Card Loan Payment Bill: आज के समय में क्रेडिट कार्ड के जरिए पेमेंट करना आसान हो गया है। ऐसे में बड़े आराम से हर कहीं इसके जरिए पेमेंट कर देता है। इस तरह से उधार बढ़ता जाता है और एक समय के बाद लोग कर्ज के नीचे आ जाते हैं। ऐसे में स्मार्ट तरीके से खुद को बचा सकते हैं? क्रेडिट कार्ड के आने से लोगों की हर तरह की परेशानी आसान हो गई है। क्रेडिट कार्ड के माध्यम से आसानी से लोग पेमेंट कर सकते हैं। ऐसे में लोग बिना कुछ सोचे-समझे कहीं भी पेमेंट कर देते हैं। सामान के लालच में बड़े आसानी से शापिंग कर लेते हैं। शापिंग करते समय लगता है कि क्रेडिट कार्ड की लिमिट 1 लाख या फिर 50,000 रुपए हैं।
जब क्रेडिट कार्ड का बिल आता है तो उसे चुकाने में पसीना आ जाता है। ऐसे में अगर थोड़ी समझदारी बरती जाए तो क्रेडिट कार्ड से भुगतान और इसकी शापिंग बेहतर तरीके से कर सकते हैं। लेकिन अगर समय पर क्रेडिट कार्ड के भुगतान नहीं करते हैं तो कर्ज बढ़ जाता है। ऐसे में स्मार्ट तरीकों से इन कर्ज से छुटकारा पा सकते हैं।
कैशबैक और रिवॉर्ड पॉइंट को भुनाए
जब क्रेडिट कार्ड के जरिए पेमेंट करते हैं तो कई तरह के कैशबैक और रिवॉर्ड मिलते हैं। उस रिवॉर्ड को भुना सकते हैं। कई बैंक अपने ग्राहकों को सुविधा देते हैं कि वो रिडीम प्वाइंट का उपयोग क्रेडिट कार्ड का बिल भुगतान में कर सकते हैं। अगर क्रेडिट कार्ड का बिल जनरेट हो चुका है तो इन प्वाइंट का उपयोग नहीं कर पाएंगे।
क्रेडिट कार्ड पर EMI का विकल्प
ईएमआई के माध्यम से क्रेडिट कार्ड का बिल भुगतान कर सकते हैं। ये बिल भुगतान करने का आसान तरीका माना जाता है। इस पर 15 प्रतिशत से लेकर 22 प्रतिशत तक ब्याज लगता है। इसके साथ इस पर प्रीपेमेंट कॉस्ट लगाया जाता है। अपने बैंक के कस्टमर सर्विस के माध्यम से क्रेडिट कार्ड पर ईएमआई की सुविधा भी शुरू करवा सकते हैं।
loan top-up
क्रेडिट कार्ड पर लोन टॉप-अप सुविधा होती है। इसके जरिये कर्ज चुका सकते हैं। आमतौर पर बैंक एक लाख रुपए तक का टॉप अप देता है। बैंक टॉप-अप लोन पर ब्याज लेता है। हर बैंक की ब्याज दर अलग होती है। अगर कोई टॉप अप लिया है तो हर महीने पैसे बचाकर उसे चुकाना चाहिए। जिससे कि एक साल के भीतर पैसा चुकता हो सके। इससे अधिक ब्याज देने से बचा जा सकता है।
निवेश स्कीम से Loan
अगर कोई निवेश किया है तो उससे लोन लेने का प्रयास करें। इसके साथ ही गोल्ड के बदले पैसे ले सकते हैं। ये एक तरह का पर्सनल लोन होता है। इसमें फंडिंग कॉस्ट कम होती है। ये लोन डिजिटल तौर पर जल्दी मिलता है।
