नोएडा। इंटरनेट मीडिया पर ‘सुपरमैन’ की तरह उड़ने की चाहत का शॉर्ट फिल्म बनाना भारी पडा गले में बांधा हुआ दुपट्टा फंसने से हुई नाबालिक की हुई मौत हर किसी की चाहत होती है कि स्क्रीन पर दिखाई दे और लोग उसे लाइक करें सोशल मीडिया पर शॉर्ट फिल्मों और मोबाइल की उपलब्धता से अब छोटे और बड़े सभी लोग अपनी इच्छा को पूरा कर रहे हैं, लेकिन कई बार नासमझी में ऐसा हादसा हो जाता है जो आप को झकझोर कर रख देता है। ऐसा ही एक हादसा कोतवाली 113 क्षेत्र के गांव अर्थला गांव हुआ। जहां 12 साल एक बच्चे की इंटरनेट पर सुपरमैन बनने के लिये अपनी बहन का दुप्पटा बांध कर उड़ने को मोबाइल से उड्ने चाहत का शॉर्ट फिल्म बनाना भारी पड़ गया। गले में बांधा हुआ दुपट्टा बाक्स में फंस गया, उसका दम घुट गया उसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी मौत हो गई।
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बृजेश का की इंटरनेट मीडिया पर ‘सुपरमैन’ की तरह उड़ने की चाहत के चलते जान चली गई। उसकी उम्र केवल 12 साल थी। कमरे में सामान रखने के लिए बनाए गए स्लैब पर रखे बक्से पर चढ़ा था और गले में दुपट्टा बांधकर हवा में उड़ने का वीडियो बना रहा था। दुपट्टे के एक सिरे को उसने अपने गले से बांध रखा था। मौके पर मौजूद बहन मोबाइल पर वीडियो बना रही थी जैसे ही उसकी बहन ने एक से चार तक गिनती की तो बृजेश सुपरमैन की तरह तो उड़ने की रील बनाने के लिए बॉक्स से में नीचे गद्दे पर कूद गया।
इसी बीच दुपट्टे का पीछे का हिस्सा बॉक्स में फंस गया। उसके कूदते ही उसके गले में बंधा दुपट्टा कस गया और दम घुटने लगा। उसकी बहनों ने उसे बचाने के लिए कशोर मचा दिया। तभी अन्य परिजनों की मदद से उसके गले से दुपट्टा हटाया गया और उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पर बच्चा दो दिनों तक आईसीयू में भर्ती रहा। उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान देर रात बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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कोतवाली प्रभारी शरदकांत ने बताया कि मृतक पांच बहनों का इकलौता भाई था। घटना के वक्त सबसे बड़ी बहन को छोड़कर चारों बहनें मौके पर मौजूद थीं। पुलिस को 51 सेकंड का एक वीडियो मिला है, जिसमें नीचे कूदने से पहले तक का सारा घटनाक्रम कैद है। मृतक बृजेश के पिता एक फैक्ट्री में सुरक्षाकर्मी की नौकरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। उनके दो अन्य भाई दिल्ली में नौकरी करते हैं। मासूम की मौत के बाद घर में मातम पसरा है। पिता ने कहा कि घर का अकेला चिराग बुझ गया। इस दर्द को शब्दों में नहीं बयां किया जा सकता है।

