हरिद्वार। आज बुद्धपूर्णिमा के मौके पर हरिद्वार में चारों ओर श्रद्धालुओं का सैलाब दिखाई दे रहा है। हरिद्वार में श्रद्धालुगण रात में पहुंच गए थे और उन्होंने गंगा के किनारे घाट पर लेटकर अपनी रात बिताई। इसके बाद सुबह तड़के गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। हरिद्वार में इस समय चारों ओर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ है।
बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर गंगा में स्नान के लिए दो दिन पहले सही लोगों ने हरि के द्वार हरिद्वार में डेरा डाल दिया था। आलम ये था कि धर्मनगरी में आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से जिले के सभी होटल और धर्मशालाएं पूरी तरह से फुल हो चुकी थी। लोगों को जब होटलों और धर्मशालाओं में जगह नहीं मिली तो उन्होंने गंगा घाटों पर रात गुजारी। रात गंगा घाटों पर गुजारने के बाद तड़के श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी सहित अन्य गंगा घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई।
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आज जिले में यातायात व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए पुलिस ने दो दिन पहले ही यातायात एडवाइजरी जारी कर दी थी। आज सोमवार की सुबह छह बजे से रात्रि 10 बजे तक हरिद्वार में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगी है। दिल्ली-मेरठ के अलावा मुजफ्फरनगर की ओर से हरिद्वार आने वाले हल्के वाहन मंगलौर से डायवर्ट कर रुड़की बाइपास होते हुए हरिद्वार भेजे जा रहे हैं।
वहीं यमुनानगर और सहारनपुर से हरिद्वार आने वाले हल्के वाहनों को भगवानपुर से इमलीखेड़ा से बहादराबाद के रास्ते हरिद्वार आएंगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज बुद्ध पूर्णिमा पर अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी है। सीएम धामी ने कहा कि भगवान बुद्ध करुणा, अहिंसा और समानता का संदेश देते थे। भगवान बुद्ध के ये संदेश मानवता के लिए प्रकाश स्तंभ के रूप में हैं।
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