कोलकाता: बेहतर रिटर्न के लिए पहले फिक्स्ड डिपॉजिट निवेश का बेहतरीन जरिया माना जाता था। लेकिन वर्तमान में यह अब फायदे का सौदा नहीं रह गया है। हालत यह है कि कम अवधि के एफडी पर बैंकों में जितना ब्याज मिल रहा है उतना इंट्रेस्ट तो बचत खातों पर मिल रहे हैं।
अतिरिक्त तरलता तथा क्रेडिट ग्रोथ में गिरावट आने की वजह से बैंकों को शॉर्ट टर्म तथा लॉन्ग टर्म, दोनों ही तरह के एफडी पर ब्याज दर को घटाना पड़ा है। इसकी वजह से अपने निवेश पर बढ़िया रिटर्न चाहने वाले लोगों को जोखिम वाले निवेश साधनों जैसे डेट मार्केट म्यूचुअल फंड के साथ-साथ इक्विटी एसेट्स की तरफ रुख करना पड़ रहा है।
देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक सात से 45 दिनों के एफडी के लिए 2.9% का ब्याज दे रहा है, जो बैंक द्वारा बचत खाते पर दिए जाने वाले ब्याज दर 2.7% से थोड़ा ही कम है।
कोटक महिंद्रा बैंक तथा एचडीएफसी बैंक तो बचत खातों पर मिलने वाली ब्याज दर से भी कम ब्याज दे रहा है। कोटक महिंद्रा बैंक अपने सेविंग बैंक कस्टमर्स को 0.50% अधिक ब्याज दर दे रहा है। वहीं, एचडीएफसी बैंक तथा पंजाब नैशनल बैंक अपने बचत खाते पर सात दिनों के एफडी पर मिलने वाली ब्याज दर से 0.25% अधिक ब्याज देता है। वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर 0.50% अधिक ब्याज दर मिलता है।

