Manipur violence: मणिपुर में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। लगातार हो रही हिंसा के बीच सुरखा बलों और नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। हिंसा के बीच उग्रवादियों ने हरोथेल में गोलीबारी की। सूत्रों ने बताया कि महिलाओं ने सावोनबंग-वाईकेपीआई इलाकों में सड़क के कई जगहों पर जाम लगा दिया है। वहीं सड़कों पर आगजनी की कई घटनाएं हुई हैं।
मणिपुर के इंफाल के उत्तरी बोलजंग में आज सुबह पांच बजे उग्रवादियों और असम राइफल्स जवानों के बीच गोलीबारी हुई। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। उग्रवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया गया है। सूत्रों के मुताबिक पूर्वी इंफाल जिले में वाईकेपीआई के उत्तर में उरंगपत के पास हथियारों से गोलीबारी की जा रही है। लोग घरों में कैंद हैं और गोली की आवाजें बराबर आ रही है।
गुरुवार सुबह साढ़े पांच बजे उग्रवादियों ने हरोथेल में गोलीबारी की। सूत्रों के मुताबिक महिला कार्यकर्ताओं द्वारा सावोनबंग-वाईकेपीआई इलाकों में सड़कों पर जाम लगाया गया है। जाम से यातायात मार्ग अवरूद्ध हो गया है।
24 जून को दिल्ली में सर्वदलीय बैठक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर हिंसा की स्थिति पर चर्चा के लिए 24 जून को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी है। गृह मंत्रालय प्रवक्ता ने ट्वीट किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर हिंसा स्थिति पर चर्चा करने के लिए 24 जून को दिन में तीन बजे नई दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा के बुधवार को गृह मंत्री से मुलाकात के बाद इस बैठक की घोषणा की गई है। शर्मा पूर्वोत्तर जनतांत्रिक गठबंधन के संयोजक हैं। शर्मा ने कुछ दिन पहले इंफाल का दौरा किया था और मणिपुर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह सहित कई अन्य नेताओं से मुलाकात की थी।
बता दें कि मेइती समुदाय की तरफ से अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिये जाने की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च आयोजित होने के बाद ही मणिपुर में हिंसा भड़की है। हिंसा में हुई हिंसा में करीब 120 लोग मारे जा चुके हैं। हिंसा में अभी तक हजारों लोग घायल हुए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले महीने हिंसा ग्रस्त मणिपुर का दौरा किया था। उन्होंने मणिपुर में शांति कायम करने के विभिन्न वर्ग के लोगों से मुलाकात की थी।

