मेरठ। सरदार वल्लभ भाई पंत कृषि विश्वविद्यालय मेरठ (Meerut) के पशु चिकित्सा विज्ञान विभाग के डीन डाक्टर राजवीर पर हमले की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस पूरे मामले की साजिश विवि की ही एक महिला प्रोफेसर ने अपने बिल्डर आशिक के साथ मिलकर रची थी। महिला प्रोफेसर डीन की कुर्सी पर कब्जा जमाना चाहती थी। इसलिए ही वह अपने रास्ते से डीन राजवीर सिंह को हटाना चाहती थी। इसके लिए महिला प्रोफेसर डा0 आरती भटेटों ने पांच लाख में कुख्यात उधम सिंह के शूटरों को डीन की सुपारी दे डाली। उधम सिंह के भाड़े के शूटरों ने डीन डॉक्टर राजवीर पर हमला किया था। जिसमें उनकेा छह गोलियां लगी थी। लेकिन वह बच गए। इस समय डीन राजवीर सिंह का इलाज अस्पताल में हो रहा है और उनकी हालत में सुधार है। आज पुलिस लाइन में पूरे मामले की जानकारी देते हुए इसका खुलासा कर दिया। इस प्रकरण में पुलिस ने एक शूटर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन साजिश बुनने वाली प्रोफेसर डा0 आरती फरार है।
पुलिस उसकी तलाश कर रही है। एसएसपी मेरठ प्रभाकर चौधरी (Prabhakar Chaudhary) ने बताया कि शूटर के ऊपर 22 मुकदमें दर्ज हैं। जबकि एक फरार है। डीन पर हमले के पीछे विश्वविद्यालय की रंजिश सामने आ रही है। जिन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके नाम बिल्डर अनिल बालियान, मुनेंद्र और शूटर आंशू है। फरार शूटर का नाम नदीम है। ये दोनों ही कुख्यात उधम सिंहके शूटर बताए जा रहे हैं। पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

