Hindenburg effect: FPO को नाकाम बनाने की है यह साज़िश, अडानी ग्रुप की सफाई

फीचर्डHindenburg effect: FPO को नाकाम बनाने की है यह साज़िश, अडानी ग्रुप...

Date:

अमरीकी रिसर्च कम्पनी हिंडनबर्ग की अडानी ग्रुप की कंनियों लेकर आयी रिपोर्ट ने देश के शेयर मार्केट में ही नहीं राजनीति में भी भूचाल ला दिया है. रिपोर्ट प्रकाशित होते है भारतीय शेयर बाजार दो कार्यदिवसों में औंधे मुंह गिरा लेकिन अडानी ग्रुप के शेयर तो औंधे मुंह गिरने लगे और उनमें सर्किट लगने लगा, सिर्फ दो दिनों में दुनिया के सबसे बड़े अमीरों में तीसरे स्थान पर बैठे गौतम अडानी एक झटके में सातवें स्थान पर आ गिरे। रिपोर्ट पर अपनी कंपनी के शेयरों की ऐसी बदहाली देखकर अडानी ग्रुप ने हिंडनबर्ग पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दे डाली जिसका रिसर्च कंपनी ने स्वागत किया और कहा मैं तैयार हूँ आप कोर्ट में आइये।

FPO में कोई बदलाव नहीं

अब अडानी ग्रुप ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि दरअसल हिंडनबर्ग की यह रिपोर्ट अडानी ग्रुप के FPO को नाकाम करने की एक साज़िश है. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ऐसी रिपोर्टों से डरती नहीं है. कंपनी ने कहा कि FPO के प्राइस बैंड, इश्यू डेट या अन्य किसी भी तरह के बदलाव की कोई बात नहीं है, सबकुछ पहले की तरह निर्धारित तरीके से ही होगा। कंपनी ने कहा कि ‘अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड का FPO निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चल रहा है. FPO में बैंकरों और निवेशकों सहित सभी स्टेकहोल्डर्स को पूरा भरोसा है. कंपनी को उम्मीद है कि FPO पूरा सब्सक्राइब होगा। बता दें कि इस FPO से अडानी ग्रुप बाजार से दो हज़ार करोड़ रूपये उठाना चाह रहा है, यह अबतक का सबसे बड़ा FPO बताया जा रहा है.

LIC, SBI ने किया है बड़ा निवेश

बता दें कि हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने के बाद अडानी एंटरप्राइजेज समेत समूह की सात लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गयी है. अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर FPO प्राइस से 509 रूपये नीचे चल रहा है ऐसे में लोगों खुले बाज़ार में यह शेयर जब इतने कम दाम में मिल रहा है तो वो उसे ऊंचे भाव पर क्यों खरीदेंगे, यह बड़ा सवाल है. बता दें कि पहले दिन इस FPO पर 4.55 करोड़ शेयर के बदले केवल 4.7 लाख शेयरों के लिए ही बोली आई यानि की लगभग एक प्रतिशत। बाजार में FPO को लेकर यह उदासीनता हिंडनबर्ग की रिपोर्ट का असर बताया जा रहा है. हालाँकि एंकर निवेशकों के रूप में LIC, SBI और उसकी कंपनियों ने हज़ारों करोड़ का इस FPO में ऊंचे प्राइस बैंड पर निवेश किया है. बता दें कि अमरीकी रिसर्च फर्म की रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर शेयरों में गड़बड़ी और लेखा धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप लगाया गया है.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related