राष्ट्रपति भवन में मुग़ल गार्डन का नाम आज से अमृत उद्यान हो गया है. केंद्र सरकार ने आजादी के अमृत महोत्सव के मद्देनजर इसका नाम बदला है। इस उद्यान में ब्रिटिश शैली के साथ मुगल शैली का मिश्रण है। उद्यान के वास्तुकार ब्रिटेन के सर एडविन लुटियंस थे। मुग़ल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान करना दरअसल प्रधानमंत्री मोदी का 15 अगस्त को लाल किले से दिए गए भाषण से जोड़ा जा रहा है जिसमें उन्होंने गुलामी की मानसिकता से निकलने का प्रण लिया था. अब इसी नाम बदलने को लेकर पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि उन सभी चीज़ों के नाम बदल देने चाहिए जिनसे मुग़लों का नाम जुड़ा हुआ है.
मुग़लों ने हिन्दुओं पर बहुत अत्याचार किये
त्रिपुरा में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे भाजपा नेता ने कहा कि मुग़लों ने हिन्दुओं पर बहुत अत्याचार किया है, मंदिरों को तोडा है, उनसे जुड़े सभी स्थानों की पहचान करके उनके नाम बदल देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अगर अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता में आती है तो एक सप्ताह के अंदर ब्रिटेन और मुग़लों से जुड़े सभी स्थानों के नाम बदल दिए जायेंगे। सुवेंदु अधिकारी त्रिपुरा में चुनावी भाषण देते हुए कहा कि यहाँ पर तृणमूल कांग्रेस की हालत गोवा से भी खराब होगी। अधिकारी ने कहा कि त्रिपुरा में भाजपा और लेफ्ट-कांग्रेस के गठबंधन के बीच सीधी लड़ाई है.
नाम को लेकर सोशल मीडिया पर मिली जुली राय
मुग़ल गार्डन का नाम अमृत उद्यान करने पर लोगों की प्रतिक्रिया आ रही है, हालाँकि किसी राजनीतिक पार्टी ने अभी इसपर कुछ नहीं कहा है लेकिन सोशल मीडिया पर लोगों की राय बटी हुई है, कुछ ने जहाँ इसे सरकार का एक अच्छा कदम बताया है वहीँ कुछ लोगों का कहना है कि इस सरकार को सिर्फ नाम बदलना आता है कुछ बनाना नहीं। वहीँ केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने मुग़ल गार्डन का नाम बदलने पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि यह गलत बात है कि नाम में कुछ नहीं होता , नाम में बहुत कुछ होता है खासकर जब देश में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है.

