वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी अपराधियों पर पुलिस कहर बनकर टूट रही है। सोमवार को वाराणसी में स्पेशल टास्क फोर्स ने एक एनकाऊंटर में एक लाख के इनामी शातिर का काम तमाम कर दिया। मारा गिराया गया शातिर बदमाश दीपक वर्मा वाराणसी समेत नजदीक के जनपदों में आतंक देकर मोटी रकम वसूलता का चेहरा बना हुआ था। चौबेपुर पुलिस सर्किल के बरियासनपुर विलेज में बदमाश और एसटीएफ के बीच गोलीबारी हुई, इस संघर्ष इनामी शातिर मार गिराया गया।
नामचीन डॉक्टरों और बड़ेू सर्राफ घरानों बदमाश दीपक वर्मा धमकी देकर मोटी रकम वसूलता था। ऐसे में डॉक्टरों और खासकर सोने-चांदी के कारोबारियों में दहशत का महौल था। शातिर वाराणसी के लक्सा थाना क्षेत्र के रामापुर नई बस्ती का रहने वाला था। वह बीते 4-5 सालों से पुजिस की गिरफ्त से फरार था। पुलिस को उसकी सगर्मी से तलाश थी।
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एनकाऊटर में मारे गये बदमाश दीपक वर्मा पर वाराणसी सहित नजदीक के जिलों में दो दर्जन मुकदमे दर्ज थे। स्पेशल टास्क फोर्स उत्तर प्रदेश की वाराणसी यूनिट के डिप्टी एसपी शैलेश सिंह की टीम को मुखबिरों से जानकारी मिली कि बदमाश वाराणसी में ही है। एसटीएफ टीम ने जब उसे घेरा तो उसने गोलियां दागनी शुरू कर दीं। दोनेां तरफ से गोलियां चलीं और इस संघर्ष में शातिर एसटीएफ के हाथों मारा गया।
दीपक वमा्र के एनकाऊंटर के बाद शहर के सबसे नामचीन डॉक्टरों और बिजनेसमैन को राहत की सांस मिली। मालूम हो कि, दीपक को चार बरस पहले भी एक गैंगवार में गोली लगी थी। उस गैंगवार में पचास हजार के इनामी बदमाश रईस बनारसी की जान गई थी।
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