Electricity Crisis in UP: इंजीनियरों व प्रबंधन के विवाद के बीच यूपी में तीन दिन होगा बिजली का संकट! जानिये क्या है मामला

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Electricity Crisis in UP: इंजीनियरों व प्रबंधन के विवाद के बीच यूपी में तीन दिन होगा बिजली का संकट! जानिये क्या है मामला

लखनऊ। बिजली विभाग के एमडी और इंजीनियरों की लड़ाई की वजह से यूपी में तीन दिन तक बिजली संकट (Electricity Crisis in UP) आ सकता है। गौरतलब है कि इंजीनियरों ने असहयोग आंदोलन छेड़ रखा है। जिसकी वजह से 04 से 06 अप्रैल तक आकस्मिक अवकाश पर जाने का ऐलान कर दिया है। ऐसे में यह लगभग तय हो गया है कि इस विवाद का निपटारा रविवार तक नहीं किया जाता है तो सोमवार से बुधवार तक बिजली की समस्या आ सकती है। हालांकि एमडी ने आदेश जारी कर साफ कहा है कि कोई भी कर्मचारी इस अवधि के बीच अवकाश पर नहीं जाएगा। अगर फिर भी कोई जाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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10 हजार कर्मचारियों कर सकते हैं हड़ताल

माना जा रहा है कि इस विवाद के विरोध में करीब 10 हजार कर्मचारी अवकाश पर जा सकते हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि ऑफिसर्स एसोसिएशन ने इस विवाद से दूरी बना ली है और उन्होंने काम करने का ऐलान किया है। वहीं दूसरी ओर आंदोलनरत अभियंताओं का दावा है कि उनके साथ करीब 10 हजार से ज्यादा कर्मचारी हैं और वो सभी अवकाश पर जाएंगे तो फॉल्ट बनाने से लेकर नया कनेक्शन देने और बिजली सुधार जैसे तमाम कार्य बुरी तरह प्रभावित होंगे।

06 हजार ने अवकाश का दिया आवेदन

एमडी के सख्त आदेश के बाद भी करीब 06 हजार इंजीनियरों ने सार्वजनिक अवकाश पर जाने का आवेदन कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि 04 अप्रैल तक यह संख्या 10 हजार के उपर पहुंच जाएगी। छुट्टी के लिए आवेदन करने वालों में मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, सहायक और अवर अभियंता शामिल हैं। इंजीनियर संजीव वर्मा ने दावा किया है कि शनिवार यानी 02 अप्रैल की शाम तक सामूहिक अवकाश के बाकी 04 हजार अन्य आवेदन भी दे दिये जाएंगे।

कर्मचारी समिति ने मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की

इस पूरे मामले में विद्युत कर्मचारी संयुक्त समिति ने ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अभियंता संघ और जूनियर इंजीनियर संगठन के पदाधिकारियों से बात की जाए। उन्हें न्याय दिलाया जाए। जिससे कि ऊर्जा क्षेत्र में फैली औद्योगिक अशांति को दूर किया जा सके।

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ये है विवाद

विवाद की जड़ मैनेजमेंट द्वारा कार्रवाईयों को किया जाना है। अभियंताओं का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर टारगेट किया जाता है। उनके खिलाफ मैनेजमेंट जानबूझकर कार्रवाईयां करता है। इसकी वजह से वह अपना काम भी नहीं कर पाते हैं। उनका शोषण किया जाता है। अभी तक इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर मैनेजमेंट की समीक्षा बैठकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग का भी बहिष्कार कर रहे हैं।

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