मेरठ। निजीकरण के विरोध में आज हड़ताल का दूसरा दिन है। केंद्र की कर्मचारी ट्रेड यूनियनों ने सरकार की नीतियों के विरोध में 28 और 29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल का आहवान किया था। दो दिवसीय हड़ताल की वजह से बैंकों सहित काफी विभागों का कामकाज प्रभावित हुआ है। बता दें कि इससे पहले शनिवार और रविवार को विभागों में काम नहीं हुआ था। इस समय मार्च के अंतिम दिनों में वित्तीय वर्ष समाप्ती को लेकर बैंकों में कामकाज तेजी से चल रहा है। मेरठ में करीब 1500 करोड़ के नुकसान की आशंका है। मेरठ में करीब विभिन्न बैंकों की करीब 500 शाखाएं हैं। बैंक कर्मचारी यूनियनों के हड़ताल में शामिल होने से बैंक के अलावा बीमा सेक्टर की वित्तीय सेवाओं से जुड़े संस्थानों में काम प्रभावित हुआ है।
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मार्च माह में क्लोजिंग होने के कारण बैंकों में काम का दबाव काफी ज्यादा रहता है। लेकिन मार्च माह के 28 और 29 तारीख को हड़ताल होने के कारण बैंक, पोस्टऑफिस,बीमा के अलावा अन्य संस्थानों में काम अब ठप हो गया है। मार्च के अंतिम दिनों में देश में व्यपारी और नौकरी पेशा लोग अपना टेक्स जमा करते हैं जो कि प्रतिदिन के हिसाब से करोड़ों में होता है। यही नहीं मार्च के इन अंतिम दिनों में क्लोजिग क्लीयरेंस भी बढ़ जाती है। लेकिन मेरठ में इस हड़ताल के कारण क्लोजिंग क्लीयरेंस 1500 करोड के पास पहुंच गई है। हड़ताल के कारण दो दिन तक हजार करोड़ों का लेन-देन प्रभावित होगा। इससे खासी दिक्कतें होगी।

