- राकेश टिकैत ने सरकार को चेतावनी देकर कहा, संयुक्त किसान मोर्चा को विभाजित करने की न हो कोशिश
नई दिल्ली। गारंटीशुदा न्यूनतम समर्थन मूल्य कानून बनने से पहले किसान गांव नहीं लौटेंगे। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बुधवार को केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार संयुक्त किसान मोर्चा को विभाजित करने और अफवाहें फैलाने का काम न करे।
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केंद्र सरकार द्वारा तीनों विवादित कृषि कानून वापस लिये जाने के बाद किसानों के घर लौटने की चर्चाएं चल रही थीं। वहीं केंद्र सरकार ने भी एमएसपी पर कानून बनाने के लिये संयुक्त किसान मोर्चा से पांच किसानों के नाम मांगे हैं। इसको लेकर भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जब आंदोलन समाप्ति की ओर बढ़ रहा है तो सरकार को अफवाह फैलाकर जालसाजी नहीं करनी चाहिये। उन्होंने कहा कि एसकेएम हमेशा रहेगा और आगे का रास्ता निर्धारित करने के लिये 4 दिसंबर को बैठक की जायेगी। उन्होंने आंदोलन को अंतिम चरण में बताते हुए किसानों से बड़ी संख्या में मोर्चा में पहुंचने की अपील की है। राकेश टिकैत का कहना है कि दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का डेरा जारी है।
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उन्होंने कहा कि अभी एक ही मुद्दा सुलझाया गया है। विरोध के दौरान जब्त किये गये ट्रैक्टरों को छोड़ने और दर्ज किये गये मुकदमों को वापस लिये जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि हम सरकार के साथ टेबल पर वार्ता करने को हमेशा तैयार हैं।

