- राकेश टिकैत ने कहा, संसद में कानून रद्द होने को इंतजार करेंगे
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज किसानो की मांगे मानते हुए तीनों कृषि कानून वापस लेने का ऐलान भले ही कर दिया हो मगर किसानों का आंदोलन अभी जारी रहेगा। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता और किसान आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राकेश टिकैत ने ट्वीट कर कहा है कि संसद मे कानून रद्द होने तक किसानों का आंदोलन वापस नहीं लिया जायेगा।
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केंद्र सरकार की ओर से लाये गये तीन नए कृषि कानूनों को 17 सितंबर, 2020 को लोकसभा में मंजूरी मिल गयी थी। 27 सिंतबर को राष्ट्रपति ने तीनों कानूनों के प्रस्ताव पर दस्तखत किए थे जिसके बाद यह कानून लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी थी। मगर किसानों को कृषि कानून के लाभ समझाने में सरकार नाकाम रही और तीनों कृषि कानून वापस लिये जाने की मांग को लेकर किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया। 14 माह से किसान दिल्ली बार्डर को घेर कर धरना दिये हुए थे। अनेक बार सरकार और किसानों के बीच टकराव होने की स्थिति आ गयी।
26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड सहित सड़कों पर की गयी बैरिकेट, तैनात पुलिसकर्मियों को लेकर स्थिति तनावपूर्ण हुई। मगर आज पीएम मोदी ने तीनों कृषि कानून वापस लेने का ऐलान कर किसानों की मांग को पूरा कर दिया। मगर किसान नेता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर किसान आंदोलन को तत्काल वापस लेने से इंकार किया है। राकेश टिकैत ने कहा कि हम कृषि कानूनों के संसद में रद्द किये जाने के दिन काा इंतजार करेंगे। राकेश टिकैत ने सरकार से एमएसपी के साथ अन्य मुद्दों पर भी बातचीत करने की बात कही है।
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वहीं भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने ट्वीट किया है कि बारूद के ढेर पर बैठा किसान आंदोलन से ही जीवित रहेगा। यह जिम्मेदारी सभी को निभानी होगी। उन्होंने जमीन से मोहभंग करने को सरकार की साजिश बताया। नरेश टिकैत ने कहा कि सभी किसानों को जाति और मजहब को भूलकर एक होना होगा।

