- राहुल गांधी ने कहा, अहंकार का सिर झुकाया
नई दिल्ली। पिछले 14 माह से चले आ रहे किसान आंदोलन की वजह बने विवादित तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान आज पीएम मोदी ने कर दिया है। इस ऐेलान के बाद जहां किसानों में जश्न का माहौल है वहीं ट्वीटर पर भी बयानबाजी का सिलसिला जारी हो गया है। एक ओर जहां विपक्षी दल इस मुद्दे पर मोदी सरकार को घेर रहे हैं वहीं भाजपा नेता इसे जिम्मेदार सरकार का फैसला बता रहे हैं।
तीनों कृषि कानून वापस लिये जाने की घोषणा के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर किसानों को अन्याय के खिलाफ जीत की मुबारकबाद दी है। एक पुराना वीडियो शेयर कर राहुल गांधी ने कहा कि देश के अन्नदाताओं ने सत्याग्रह कर अहंकार का सिर झुका दिया है।
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दिल्ली/ के मुख्यtमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, आज प्रकाश दिवस के दिन कितनी बड़ी ख़ुशख़बरी मिली। तीनों क़ानून रद्द। 700 से ज़्यादा किसान शहीद हो गए। उनकी शहादत अमर रहेगी। आने वाली पीढ़ियाँ याद रखेंगी कि किस तरह इस देश के किसानों ने अपनी जान की बाज़ी लगाकर किसानी और किसानों को बचाया था। मेरे देश के किसानों को मेरा नमन। कहा कि भारत के इतिहास में पहली बार किसी आंदोलन की वजह से सरकार क़ानून वापस ले रही है। अगर ये 3 कृषि क़ानून पहले वापस हो जाते तो 700 किसानों की जान बचाई जा सकती थी।
आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसौदिया ने ट्वीट कर मोदी सरकार से किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वालों के परिवार से माफी मांगने की मांग की है। आप ने इसे किसानों के अभियान की बड़ी जीत बताया। आप का कहना है कि आगामी चुनाव में हार के डर से मोदी सरकार ने तीनों काले कृषि कानून वापस ले लिए हैं।
कांग्रेस के फायरब्रांड नेता और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कृषि कानून वापस लिये जाने को किसानों की कुर्बानी रंग लाना बताया। विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने को सिद्धू ने सही दिशा में उठाया गया कदम है।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरु नानक जयंती के पावन पर्व पर तीनों काले कृषि कानूनों को वापस लिये जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। कैप्टन ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हर पंजाबी की मांग सुनी है।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने संसद में कृषि कानून रद्द किये जाने तक किसान आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
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वहीं भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कृषि कानून वापस लिये जाने को जिम्मेदार सरकार द्वारा लिया गया फैसला बताया। जावेड़कर ने कहा कि प्रकाश पर्व के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की। यह उत्तरदायी सरकार है। किसानों के कल्याण और व्यापक राष्ट्रीय हित में लगातार काम करेंगे।

