आजमगढ़ : आजमगढ़ के दौरे पर पहुंचे दिल्ली किसान आंदोलन से जुड़े किसान नेता योगेंद्र यादव (Farmer protest leader Yogendra Yadav) ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार (BJP) ने किसानों को धोखा दिश है। भाजपा सरकार ही किसानों के लिए काला कानून लाई था, जिसे बाद में वापस लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि किसानों ने जब-जब आंदोलन चलाया तो किसानों के खिलाफ इस सरकार ने प्रोपेगंडा फैलाने का काम किया है। किसान आंदोलन के मामले में प्रधानमंत्री ने उन्हें आंदोलन जीवी कहा। इसके अलावा आंदोलित किसानों को कभी पाकिस्तानी, कभी आतंकवादी, खालिस्तानी और न जाने क्या-क्या कहा गया। वहीं 26 जनवरी, 2021 को उन्हें बदनाम करने को लाल किले पर तिरंगे का अपमान कराया। 19 नवंबर को पीएम ने काला कानून वापस ले लिया।
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सरकार ने नहीं पूरे किए वादे
योगेंद्र यादव का कहना है कि सरकार ने किसानों से जो भी वादे किए थे, एक भी पूरा करने का काम नहीं किया है। किसानों को न तो अपनी फसल की एमएसपी (MSP) के लिए कमेटी का गठन किया गया और न ही किसानों के मुकदमे वापस लिए गए। किसान आंदोलन की लड़ाई में शहीद 715 किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया। न तो किसानों को कुचलने के मामले में अजय मिश्र टेनी को मंत्रिमंडल से हटाया और उनके आरोपी बेटे को जमानत दिला दी गई। जबकि इसी मामले में किसान अभी जेल में हैं। इस प्रकार यह सरकार पूरी तरह से किसानों के खिलाफ है, इसलिए किसान मोर्चा प्रदेश में चुनाव को लेकर गांव-गांव पहुंच कर किसान विरोधी भाजपा सरकार के खिलाफ उसे सजा देने की अपील कर रहा है। मोर्चा किसी अन्य पार्टी के लिए वोट डालने को भी नहीं कह रहा। चुनाव बाद 14 मार्च को किसानों की एक बैठक कर सरकार के वादाखिलाफी के खिलाफ फिर से दूसरा आंदोलन शुरू करने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

