मेरठ में एक बार फिर से तेल का खेल माफियाओं ने शुरू कर दिया है। आज रविवार को आपूर्ति विभाग और पुलिस ने छापेमारी कर एक हजार लीटर नकली पेट्रोल और डीजल पकड़ लिया। बताया जाता है कि तेल माफिया अपने गोदाम में असली पेट्रोल और डीजल में मिलावट कर उसको बाजार में बेच रहे थे। ग्रामीण इलाकों में कम रुपयों में बेचा जा रहा नकली पेट्रोल और डीजल वाहन चालक धड़ल्ले से खरीद रहे थे। इससे जहां सरकार को प्रतिदिन लाखों की चपत लग रही थी वहीं तेल का खेल खेलने वाले माफिया प्रतिदिन लाखों कमा रहे थे। तेल से लखपति बनने का ये खेल मेरठ के थाना परतापुर के एक गांव में चारदीवारी के भीतर खेला जा रहा था। इसका खुलासा आज आपूर्ति विभाग और पुलिस की टीम ने छापा मारकर किया। टीम के छापे से पहले ही तेल माफिया वहां पर काम करने वाले लोग फरार हो गये। मौके से टीम को एक हजार लीटर से अधिक पेट्रोल और डीजल बरामद हुआ है। जिसकी जांच के लिए सेंपल लेकर भेज दिया गया है। बता दें कि इससे पहल 2019 में भी इसी तरह से तेल का खेल मेरठ के टीपीनगर थाना और परतापुर थाना क्षेत्र में पकड़ा गया था। जिसमें 2.20 लाख लीटर मिलावटी पेट्रोल और डीजल पकड़ा गया था। इस बार भी थाना परतापुर ही है लेकिन नकली तेल बनाने की जगह बदल गई। इस बार गांव बजोठ में अवैध रूप से पेट्रोल और डीजल का गोदाम चल रहा था। जिसे आपूर्ति विभाग और पुलिस की टीम ने पकड़ लिया। मौके से एक हजार लीटर मिलावटी पेट्रोल और डीजल बरामद हुआ है। लेकिन छापेमारी की भनक मिलावटखोरों को पहले ही लग गई। जिसके बाद वो मौके से फरार हो गए। पुलिस ने गोदाम को सील कर दिया है और आरोपियों की तलाश कर रही है।
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आपूर्ति विभाग को सूचना मिल रही थी कि ग्राम बजोठ में दीपक पुत्र भगवान चंद्र के गोदाम पर युवक राजू बड़े पैमाने पर मिलावटी पेट्रोल और डीजल बनाने का काम कर रहा है। इसकी सूचना के बाद आपूर्ति विभाग ने थाना परतापुर के साथ गोदाम में छापा मारा। लेकिन पुलिस और आपूर्ति विभाग की गाड़ियों को देखते हुए तेल माफिया गोदाम छोड़कर भाग खड़े हुए। मौके पर जो पेट्रोल और डीजल बरामद हुआ है वह मिलावटी है। बताया जाता है कि इस गोदाम में सॉल्वेंट में केमिकल मिलाकर पेट्रोल और डीजल बनाया जा रहा था।

