Mohammed Zubair Case: फैक्ट चेकर ज़ुबैर को मिल रही हैं जान से मारने की धमकिया, ज़मानत के लिए पहुंचे SC

नेशनलMohammed Zubair Case: फैक्ट चेकर ज़ुबैर को मिल रही हैं जान से...

Date:

ऑल्ट न्यूज़ के पत्रकार और फैक्ट चेकर मोहम्मद्द ज़ुबैर ने अर्जेन्ट बेल के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, बताया जा रहा है कि उन्हें जान से मारने की कई धमकियाँ मिली हैं और इसलिए उन्होंने देश की शीर्ष अदालत से ज़मानत का अनुरोध किया है. जानकारी के मुताबिक अगर CJI मंज़ूरी मिलती है तो जस्टिस इंदिरा बनर्जी कल इस मामले की सुनवाई कर सकती हैं. मोहम्मद जुबेर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप है.

Read also:  Bulldozer Action in UP: दंगों के कारण नहीं की गयी बुलडोज़र की कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार का हलफनामा

वहीँ मोहम्मद ज़ुबैर का मामला अब अंतर्राष्ट्रीय हो गया है, जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत खुद को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताता है इसलिए यह आशा की जाती है कि वह प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी जैसे लोकतांत्रिक मूल्यों को अपने यहां तरजीह दें. जर्मनी के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्रिश्चियन वैगनर ने कहा कि हम प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर प्रतिबद्ध हैं. किसी भी समाज के लिए यह जरूरी है कि वहां बिना किसी रोक-टोक पत्रकारिता हो और ऐसा न हो पाना चिंता का कारण है.  

मोहम्मद जुबैर को दिल्ली पुलिस ने  27 जून को गिरफ्तार किया था. उन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, धर्म, जाति, जन्म स्थान, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने का आरोप है. बता दें कि एक जून को मोहम्मद जुबैर के खिलाफ सीतापुर के खैराबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. उनपर हिंदू संत-महात्माओं को कथित तौर पर नफरत फैलाने वाला बताने का आरोप था.

Read also: Nupur Sharma Controversy: नूपुर शर्मा की गर्दन पर इनाम का एलान करने वाला अजमेर दरगाह का खादिम गिरफ्तार

गौरतलब है कि ऑल्ट न्यूज़ के पत्रकार मोहम्मद जु़बैर भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा और साधुओं को ‘नफरत फैलाने वाले’ टिप्पणी के बाद चर्चा में आए थे. अपने ट्वीट में उन्होंने नूपुर शर्मा का वीडियो साझा किया था जिसके बाद बवाल मच गया था. मोहम्मद ज़ुबैर को लेकर एक तरफ जहाँ हिंदूवादी संगठन की कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं वहीँ एक बड़ा तबका ज़ुबैर पर हुई कार्रवाई को ग़लत बता रहा है, मीडिया संगठन भी ज़ुबैर पर हुई कार्रवाई को लोकतंत्र के चौथे खम्भे पर आघात बता रहे हैं.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related