Exclusive – मेरठ के स्कूलों में मिड डे मील के नाम पर धांधलेबाजी, जांच में हुआ बड़ा खुलासा

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Exclusive – मेरठ के स्कूलों में मिड डे मील के नाम पर धांधलेबाजी, जांच में हुआ बड़ा खुलासा

  • सब्जी-चावल की जगह बांटे जा रहे 2 रुपये के बिस्किट
  • एनजीओ और स्कूल के प्रिंसिपल की सांठ-गांठ से चल रहा बड़ा खेल

पारुल सिंघल

मेरठ। सरकारी स्कूल में बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की योजना के नाम पर खूब धांधलीबाजी हो रही है। सरकारी योजना का पैसा सांठगांठ कर स्कूल प्रिंसिपल और एनजीओ गबन कर जा रहे हैं। आलम यह है कि स्कूल में बच्चों को तय मेन्यू से अलग बिस्किट बांट दिए जा रहे हैं। इस घोटाले का खुलासा मेरठ मंडल स्तरीय टीम की जांच में हुआ है। मौके पर पहुंची टीम ने स्कूलों की जांच कर मिड डे मील के नाम पर सांठ-गांठ कर गड़बड़ी के कई और बड़े चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

बांटे बिस्किट, नहीं दिया जा रहा दूध

मिड डे मील की जांच के लिए मंडल स्तरीय टीम मंगलवार को अचानक ही मेरठ विकास क्षेत्र के कई स्कूलों में पहुचं गयी। टीम में शामिल अमर वीर सिंह और वीरेंद्र कुमार ने बताया कि पुट्ठी स्थित जय किसान इंटर कॉलेज में कई गड़बड़ियां मिली। यहां बालाजी सेवा संस्थान डूंगर एनजीओ की मवाना स्थित किचन से बच्चों को खाना प्रोवाइड किया जाता है। मंगलवार को बच्चों को सब्जी चावल दिया जाना था,लेकिन जब टीम निरीक्षण के लिए पहुंची उस समय बच्चों को ₹2 वाले पारले जी बिस्किट का पैकेट बांटा जा रहा था। वीरेंद्र कुमार ने बताया कि स्कूल में बच्चों को कभी दूध का वितरण भी नहीं किया गया है।

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लॉक डाउन पीरियड के खाद्यान्न का भी नहीं हुआ वितरण

मिड डे मील के मंडलीय समन्वयक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि स्कूल में तमाम गड़बड़ियां फैली हुई हैं। जांच के दौरान पता चला कि लॉकडाउन अवधि के दौरान बच्चों को दिए जाने वाले खाद्यान्न का वितरण भी अभी तक नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि बच्चों को पहले 76 दिन फिर 49 दिन और 124 दिन का खाद्यान्न दिया जाना था। जिसका वितरण नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर एक बच्चे को 37 किलो 350 ग्राम खाद्यान्न मिलना था। जबकि इसी अवधि के 1849 रुपए भी प्रति बच्चा दिया जाना था इसका भी वितरण स्कूल में नहीं हुआ है।

रिकॉर्ड भी मिले गायब

वीरेंद्र कुमार ने बताया कि जांच के लिए स्कूलों की और से रिकॉर्ड तक उपलब्ध नहीं करवाए जा सके। उन्होंने बताया कि स्कूल में मंगलवार को बच्चों को कुल मिलाकर लगभग 21 किलो 750 ग्राम खाद्यान्न दिया जाना था। जबकि ₹1080 परिवर्तन लागत के तय थे। जांच के दौरान स्कूल में 145 बच्चे उपस्थित थे जिन्हें ₹2 के हिसाब से कुल 290 रुपए के बिस्किट ही बांटे गए थे। उन्होंने बताया कि परीक्षितगढ़ के संविलियन विद्यालय पुट्ठी, प्राथमिक विद्यालय नंबर 2 पुट्ठी इन दोनों स्कूलों में ग्राम प्रधान द्वारा खाद्यान्न हड़प लिया गया है। प्रधानाध्यापक द्वारा मांगने पर भी स्कूल को उपलब्ध नहीं करवाया गया। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय लोधी पुरा नहर-झाल और प्राथमिक विद्यालय खडकी में भी गड़बड़ियां मिली है।

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होगी जांच

मिड डे मील की जांच के लिए मौके पर पहुंची टीमों को स्कूलों में तमाम गड़बड़ियां मिली हैं। जय किसान इंटर कॉलेज में बच्चों ने बताया कि लॉकडाउन के बाद स्कूल खुलने की अवधि से अब तक बिस्किट ही बांटे जा रहे हैं। जबकि एनजीओ द्वारा कक्षा 1 से 5 के लिए प्रति बच्चा सौ ग्राम खाद्यान्न गेहूं व चावल मेन्यू अनुसार और ₹4.97 पैसे प्रति बच्चा परिवर्तन लागत का सरकार ने तय किया हुआ है। कक्षा 6 से 8 के लिए डेढ़ सौ ग्राम खाद्यान्न गेहूं व चावल का मेन्यू अनुसार और परिवर्तन लागत ₹7.45 पैसे प्रति बच्चा रोजाना तय किया गया है। उन्होंने बताया कि मिली गड़बड़ियों को लेकर पूरी जांच की जाएगी और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

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