मेरठ। Election News Hindi – आज से एक दशक पहलेे के चुनाव का दौर याद करिए। जब चुनाव लड़ने वाले नेता तो निर्भीक घूमते थें। जबकि उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के ऊपर हमले होने और मारपीट की वारदातें सामने आती थी। लेकिन इस बार का चुनाव बिल्कुल बदला हुआ है। विधानसभा चुनाव में नेता जी के साथ चल रहे समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता तो निर्भीक होकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। जबकि चुनाव लड़ने वाले नेताजी को जान का खतरा सता रहा है। दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच चुनाव के दो दौर निकल चुके हैं। अब पांच दौर और बचे हैं। इन्हीं पांच दौर में अब नेताओं केा अपनी हत्या और हमले का डर सता रहा है। अब कहीं पर मंत्रियों के काफिले पर हमले हुए हैं तो कहीं पर नेता जी ने अपनी हत्या होने की बात कही है। इस तरह की वारदातें यह साबित करने के लिए काफी हैं कि आने वाले चुनाव के चरणों में दलों के लिए सत्ता की डगर काफी कठिन होगी। जानकारों की माने तो आगमी तीसरा चरण 20 फरवरी को होगा। इस तीसरे चरण के बाद बहुत कुछ स्थितियां साफ हो जाएगी। इस समय तीसरे चरण में भाजपा और सपा के बीच कांटे की टक्कर है। जबकि बसपा को भी इस दौर में कम नहीं आंका जा सकता है।
Read also: यूपी विधानसभा चुनाव : मुख्तार नहीं लड़ेंगे चुनाव, बेटे को सौंपी कमान
अपने ऊपर हमले और हत्या का सबसे बड़ा आरोप सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने लगाकर सनसनी फैला दी है। राजभर ने आरोप लगाया है कि जब वे वाराणसी की विधानसभा सीट शिवपुर से बेटे अरविंद राजभर का नामांकन कराने गए तो उन पर हमला किया गया। राजभर का आरोप है कि योगी आदित्यनाथ उनको मरवाना चाहते हैं। इसलिए ही भाजपा और योगी के लोगों ने काले कोट पहनकर उन पर हमला किया। राजभर ने राजधानी में यह कहकर सनसनी फैला दी कि योगी उनकी हत्या कराना चाहते हैं।
Read also: भाजपा झूठों की पार्टी है : अखिलेश यादव
राजभर के बयान के बाद राजनैतिक तूफान थमा नहीं कि मामला मैनपुरी जिले की करहल सीट पर हुआ। जहां पर भाजपा उम्मीदवार व केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल के काफिले पर पथराव कर लाठी डंडों से हमला कर दिया गया। इसके लिए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद ने पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को जिम्मेदार बताया है। इस मामले में मैनपुरी में एफआईआर दर्ज कराई गई है। तीसरी घटना भाजपा सांसद गीता शाक्य के साथ हुई है। जिसमें उन पर हमला किया गया है। बता दें कि इससे पहले ओवैसी पर भी हमला किया गया था। जिसमें दो संदिग्ध लोगों को पुलिस ने पकड़ा था। ओवैसी का आरोप है कि दो युवकों ने उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। दूसरे चरण के मतदान के दौरान शाहजहांपुर की तिलहर विधानसभा से सपा प्रत्याशी रोशन लाल वर्मा ने भी भाजपा के प्रत्याशी और समर्थकों पर फायरिंग करने और पथराव का आरोप लगाया था। अब यह मामला तूल पकड़ रहा है।

