न्यूज़ डेस्क – 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के नायक और वीर चक्र से सम्मानित पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश को चुनाव आयोग की ओर से नोटिस मिला है। इस नोटिस में उनसे कहा गया है कि वे अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए चुनाव अधिकारी के सामने पेश हों। एडमिरल अरुण प्रकाश पिछले 20 साल से गोवा में रह रहे हैं।
दक्षिण गोवा की जिला कलेक्टर और रिटर्निंग ऑफिसर एग्ना क्लीटस के अनुसार, एडमिरल प्रकाश का नाम “अनमैप्ड” श्रेणी में आ गया है, क्योंकि 2002 के बाद अपडेट हुई मतदाता सूची में उनका पूरा विवरण नहीं दिख रहा था।
एडमिरल अरुण प्रकाश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उनका और उनकी पत्नी का नाम पहले से ही गोवा ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 2026 में मौजूद है, फिर भी उन्हें नोटिस भेजा गया। उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा फॉर्म जरूरी जानकारी नहीं जुटा पा रहे हैं, तो उनमें सुधार होना चाहिए।
82 साल के एडमिरल ने बताया कि उन्हें और उनकी 78 साल की पत्नी को 18 किलोमीटर दूर, अलग-अलग तारीखों पर पेश होने के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि इस उम्र में ऐसा करना मुश्किल है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी खास सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं और नोटिस का पालन करेंगे।
इस खबर के सामने आने के बाद कई पूर्व सैन्य अधिकारियों और आम लोगों ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल टी. एस. आनंद और अन्य लोगों ने कहा कि सरकार के पास पहले से ही एडमिरल का पेंशन और लाइफ सर्टिफिकेट का रिकॉर्ड मौजूद है, जिससे उनकी पहचान आसानी से हो सकती थी।
कई लोगों का मानना है कि इतने वरिष्ठ अधिकारी और युद्ध नायक के मामले में अधिकारियों को उनके घर जाकर ही सत्यापन करना चाहिए था, न कि उन्हें दफ्तर बुलाना चाहिए था।
इस पर जिला कलेक्टर एग्ना क्लीटस ने कहा है कि वह सोमवार को एडमिरल के फॉर्म की जांच करेंगी और अधिकारी खुद उनसे संपर्क करेंगे।

