Earthquake Alert: शुक्रवार को तड़के जब देश नींद में था। उस दौरान जयपुर में महज 22 मिनट के अंतराल में 5 बार धरती भूकंप से डोली है। हजारों लोग बिस्तर छोड़कर गलियों, सड़कों और पार्क में आ गए। जयपुर में भूकंप शुक्रवार सुबह 4.09 मिनट पर आया जिसकी तीव्रता 4.4 मापी गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक पिछले 25 सालों का यह सबसे तेज भूकंप बताया जा रहा है। हालांकि राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र का मानना है कि यदि पुराने रिकॉर्ड और देखे तो इससे तीव्र भूकंप का जयपुर में कोई इतिहास नहीं है। कहा जा सकता है कि जयपुर में आया ये सबसे तेज तीव्रता का भूकंप है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार इससे पहले सीकर में 2003 और 2015 में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था। राहत की बात है कि जनहानि या किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ। खतरा अभी टला नहीं है। Experts का मानना है कि अगले 3 दिन में Earthquake से धरती कांप सकती है।
जयपुर की बात करें तो एक साल में भूकंप के 6 झटके आ चुके हैं। आगे जयपुर को ऐसे भूकंप के झटकों का सामना करना पड़ सकता है। अरावली में तबाही की दरार आई है। जिसकी वजह से जयपुर व इससे सटे इलाके भूकंप के केंद्र में हैं। अगले तीन दिन खतरा क्यों हैं? Crack in Aravalli आने का मतलब क्या है? क्या राजस्थान में और earthquake आएंगे और आएंगे तो कितने Dangerous होंगे? earthquake के साथ तेज आवाज का राज क्या है? इन सब सवालों का जवाब जानने की लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।
दो-तीन दिन के भीतर वापस भूकंप के झटके
राजस्थान में अचानक भूकंप के झटके आने से लोग दहशत में हैं। डॉ कंचन सिंह का कहना है एक साल में 6 बार जयपुर में भूकंप आया है। उन्होंने बताया कि कही पर भूकंप आने के कुछ घंटों बाद या दो-तीन दिन के भीतर वापस भूकंप के झटके आ सकते हैं। जयपुर की बात करें तो तीन दिन या सप्ताहभर का समय निर्णायक होगा। क्योंकि प्लेट को सेट होने में थोड़ा समय लगता है। एक भूकंप और उसी जगह दूसरे भूकंप में कम और अधिक समय पहले भूकंप से कुछ घंटों से लेकर 3 महीने तक का समय लगता है। ऐसे में 3 महीने तक कंपन महसूस किया जा सकता है।
भूकंप की अधिकतम गहराई
भूकंप का एपिसेंटर जमीन से जितना नीचे होगा। भूकंप उतना अधिक खतरनाक होता है। जितना सतह के नजदीक होगा, उतना कम घातक होगा। जयपुर में 10 किलोमीटर की गहराई के कारण नुकसान नहीं हुआ। भूकंप की अधिकतम गहराई जमीन की सतह से 750 किमी नीचे हो सकती है। विश्व में सामान्य तौर पर 90 प्रतिशत भूकंप 50 किमी की गहराई से ऊपर होते हैं। भूकंप की जितनी ज्यादा गहराई होगी, उतना अधिक खतरनाक होगा।

