मेरठ में अमानवीयता,3 दिन पहले हुई मौत अब हो सका दाहसंस्कार

उत्तर प्रदेशमेरठ में अमानवीयता,3 दिन पहले हुई मौत अब हो सका दाहसंस्कार

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मेरठ में अमानवीयता,3 दिन पहले हुई मौत अब हो सका दाहसंस्कार

परिजन थे क्वारन्टीन में ,मामले ने तूल पकड़ा तब प्रसाशन ने ली सुध

मेरठ में कोरोना से हुई मौत के बाद युवती के शव से अमानवीयता का मामला सामने आया है.उसका शव 3 दिन तक पड़ा रहा पर किसी ने सुध नहीं ली.दरअसल,मेरठ के जागृति विहार निवासी 17 साल की कोरोना पॉजिटिव लड़की की तीन पहले मौत हो गयी.परिवार क्वारेंटाइन सेंटर में था.इसकी जानकारी होते ही पूरा परिवार सदमें में आ गया.

4 जून को हुई थी डेथ
4 जून की रात, पांच जून और 6 जून की सुबह, युवती का शव अपनों का इंतज़ार करता रहा.जब मामले ने तूल पकड़ना शुरू किया तो बात फैली और शनिवार को क्वारेंटाइन सेंटर से युवती के पिता को मेरठ मेडिकल कॉलेज लाया गया.

पिता को नहीं दी पीपीई किट
शव वाहन में बेटी के शव के साथ उन्हें सूरजकुण्ड श्मशान घाट भेज दिया गया.लेकिन न पिता को पीपीई किट दी गई और न शव वाहन चालक को.शव को बाहर कौन निकाले.जैसे तैसे अंतिम संस्कार की बात हुई, पंडितों से पैसे की मांग रख दी.

गिड़गिता रहा पिता पर नहीं पिघले
गरीब पिता बहुत रोया, हाथ फैलाता रहा, एक फूटी कौड़ी जेब में नहीं थी.बोला- किसी तरह मदद कर दो, एक एक पाई चुका दूंगा. मदद को लेकिन कोई आगे न आया.

मेरठ के सीएमओ तक पहुँचा मामला
मेरठ सीएमओ डॉक्टर राजकुमार आरती के पास किसी तरह सूचना पहुंची.वो भी भावुक हो गए. उन्होंने अपनी जेब से अंतिम संस्कार के लिए तुरंत पैसे भिजवा दिए, नगर निगम के दो कर्मचारियों को बुलाकर उन्हें पीपीई किट दी गई और तब जाकर लड़की का अंतिम संस्कार हुआ.

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