कोल्लम: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के अनुबंध से संबंधित विवाद के खिलाफ प्रतीकात्मक प्रदर्शन का हिस्सा बनने के लिए बुधवार को यहां मछुआरों के साथ समुद्र में उतरे।
मछुआरों के जीवन का किया अनुभव
राहुल गाँधी ने अपनी समुद्री यात्रा के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह मछुआरों के जीवन का अनुभव करना चाहते हैं। वह मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी नीत लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट सरकार की कथित गलत नीतियों के कारण मछुआरों के सामने आने वाली समस्याओं पर उनके साथ चर्चा करने से पहले समुद्र में गये।
मछुआरों के हितों की रक्षा नहीं कर पा रही LDF सरकार
राहुल ने कहा, “मैं आज तड़के अपने भाइयों के साथ समुद्र में गया था। मैं देखना चाहता था कि वे ट्रॉलर के साथ क्या करने जाते हैं। हमने मछली पकड़ने की कोशिश की, लेकिन केवल एक ही मिली। हम खाली जाल के साथ वापस आ गये। यह मेरा अनुभव था।” उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि मछुआरों के लिए समर्पित मंत्रालय नहीं होने के कारण मछुआरों के हितों की रक्षा नहीं हो पा रही है।

