ग्रामीणों से कहा, मेरा कोरोना का इलाज करा दो
बांग्लादेश में इलाज की पर्याप्त सुविधा नहीं है. इसका नजारा असम को देखने को मिला. दरअसल, बांग्लादेश का एक व्यक्ति को कई दिनों से बुखार आ रहा है. उसे डर है कि कही वह कोरोना की चपेट में तो नहीं आ गया. वह अपने देश से नदियों के रास्ते तैरकर असम पहुंच गया.कुशियारा नदी पार कर युवक असम पहुंचा था.ग्रामीणों को शक हुआ तो उन्होंने पूछताछ की. करीमगंज जिले के मुबारकपुर इलाके केग्रामीणों को उसने उसके कोरोना संक्रमित होने का संदेह जताया. लोगों से गिड़गिड़ाने लगा की उसका इलाज करा दो नहीं तो वो मर जाएगा. उसकी उम्र 30 वर्ष है. उसने अपना नाम अब्दुल हक बताया है.वह बांग्लादेश के सुनामगंज जिले का रहने वाला है.
बता दें कि वहां से करीमगंज का मुबारकपुर इलाका महज चार किलोमीटर दूर है. मामले की जानकारी ग्रामीणों ने बीएसएफ को दी. बीएसएफ के स्पोक पर्सन और डीआईजी जेसी नायक ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिक कुशियारा नदी तैरकर यहां आया है. यह नदी दोनों देशों की सीमाओं के बीच है. सुबह 7:30 बजे वह भारतीय सीमा में दाखिला हुआ. गांव वालों ने उसे देखा तो उसे वहीं रोक दिया. उसे कोरोना है कि नहीं इसका अभी पता नहीं लगा है लेकिन उसे तेज बुखार था. वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा है.पूछताछ के बाद इसकी सूचना बांग्लादेशी सेना को दी गई है. करीब 10 बजे बांग्लादेशी सेना के अफसर दो बोट से करीमगंज स्थित सीमा के पास पहुंचे. इसके बाद युवक को उनके हवाले कर दिया गया.

