मुजफ्फरनगर – जनपद में कोरोना का कहर बढता ही जा रहा है। पिछले करीब एक पखवाडे में कोरोना ने जिला जेल पर बडा हमला बोला है। इस अवधि में कैदियों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद अब जिला कारागार में सभी 25 बैरक सील कर दी गईं हैं। बंदियों और कैदियों को बैरक से बाहर अहाते में भी निकलने की छूट नहीं मिलेगी।
जेल के 2250 बंदियों की भी जांच की जा रही है। कोरोना का संक्रमण लगातार फैलने से जेल प्रशासन में भी हड़कंप मचा है। अधिकारी भी डर सहमे हुए हैं, जिन्होंने अपने परिजनों से दूरी बना ली है। पूरी जेल को सैनिटाइज कराया गया है।
उल्लेखनीय है कि एक माह पहले जिला कारागार में शहर कोतवाली पुलिस द्वारा एक मामले में भेजा गया सुजडू निवासी बंदी कोरोना पॉजिटिव मिला था, जो कि तीन दिन बाद ही जमानत पर बाहर आ गया था। जिस बैरक में वह था, वहां 90 बंदियों की जांच कराई तो तीन और बंदी पॉजिटिव मिले थे।
इसके बाद तो पॉजिटिव केस मिलने का सिलसिला शुरू हो गया। अब कोरोना का संक्रमण जेल में पूरी तरह से फैल चुका है, जो चिंता की बात है। डीएम ने भी जेल का भ्रमण कर अधिक से अधिक सैंपल लेने के निर्देश दिए थे। पहले एक बैरक में ही कोरोना पॉजिटिव मिले थे, मगर अब दूसरी बैरक में भी संक्रमित बंदी मिल रहे हैं।
शुक्रवार को कराई गई रैपिड एंटीजन जांच में 17 बंदी, डॉक्टर का सहायक और एक बंदी रक्षक भी पॉजिटिव मिलने पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। शुक्रवार रात में ही सभी मरीजों को कोविड अस्पताल भेज दिया गया। शनिवार को जेल को फिर से सैनिटाइज कराया गया।
जेल में वर्तमान में 2250 बंदी और कैदी है। सभी की कोरोना जांच कराई जा रही है। दवाई भी दी जा रही है। शनिवार को जेल के सभी 25 बैरकों को सील कर दिया गया। अब बंदियों और कैदियों को बैरक से बाहर अहाते में आने की भी इजाजत नहीं दी जाएगी।
उधर, बंदी रक्षक के भी पॉजिटिव आने से जेल के अफसरों में भी हड़कंप मचा है। जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने कहा कि कोरोना का संक्रमण दो बैरक में फैल गया है, जिस कारण सभी 25 बैरकों को सील कर दिया गया है। सभी बंदियों और कैदियों की कोरोना जांच कराई जा रही है। पूरी जेल को सैनिटाइज किया गया है।

