उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए एक नई योजना की शुरुआत की है। यह योजना उन बच्चों के लिए है जिन्होंने कोविड-19 से अपने माता पिता को खो दिया है। यूपी सरकार की इस योजना के तहत राज्य सरकार एक बच्चे के अभिभावक को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जबकि जिनके पास उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है उन्हें बाल गृह भेजा जाएगा। उन अनाथ बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा का ध्यान यूपी सरकार रखेगी।
यूपी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभ
– इस योजना के तहत राज्य सरकार बच्चे के 18 वर्ष की आयु होने तक ₹4000 प्रति माह की वित्तीय सहायता करेगी। वही बच्चे के अभिभावक या उसके देखभाल करने वाले को यही राशि उसके व्यस्क हो जाने तक दी जाएगी।
– 10 वर्ष के वे बच्चे जिनके परिवार मे कोई नहीं बचा है ऐसे बच्चों की देखभाल सरकार द्वारा बाल गृह में की जाएगी।
– इसके साथ ही प्रदेश सरकार अनाथ लड़कियों की शादी के समय भी वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
– इस योजना के तहत जो भी बच्चे किसी स्कूल, संस्थान या कॉलेज से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं ऐसे सभी बच्चों को प्रदेश सरकार लैपटॉप या टेबलेट उपलब्ध करवाएगी।
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– 11 से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों को अटल आवासीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में मुफ़्त शिक्षा की सुविधा प्रदान की जाएगी।
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बता दें कि यूपी सरकार की तरफ से चलाए जा रहे बाल सेवा योजना के अंतर्गत लगभग 1000 से ज्यादा बच्चों के लाभान्वित होने की संभावना है। corona महामारी की दूसरी लहर में प्रदेश में भी काफी जाने गयी थी जिनमें कई परिवारों पर रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया था वही बहुत से बच्चे अनाथ हो गए हैं जिनको अब समाज और सरकार से बहुत उम्मीद है I

