- चेतन चौहान के पैतृक गांव में शोक छाया
हापुड़। यूपी में कैबिनेट मंत्री रहे चेतन चौहान का पार्थिव शरीर हापुड़ के ब्रजघाट पहुँचा, मंत्री चेतन चौहान का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। मंत्री के बेटे अभिनव चौहान ने नम आंखों से पिता को मुखाग्नि दी। ब्रजघाट में भाजपाई समेत अन्य सामाजिक संगठनों की भीड़ उमड़ी रही। वहीं मंडलायुक्त समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने भी चेतन चौहान को श्रद्धांजलि दी।
सोमवार की शाम साढे तीन बजे चेतन चौहान का पार्थिव शरीर एंबुलेंस द्वारा ब्रजघाट में गंगा किनारे बने श्मशान घाट पर ले जाया गया। जिसके बाद कोविड-19 को लेकर सभी एतियायात बरतते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों ने सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए श्रद्धांजलि दी। इसी बीच अंतिम संस्कार से पहले पत्नी संगीता और बेटे विनायक समेत पीपीई किट से लेस चिकित्सक उन्हें अंतिम संस्कार के लिए चिता तक ले गए। इसके बाद बेटे विनायक ने विधिवत मंत्रोह्वाारण के बीच मंत्री को मुखाग्नि दी।

इस मौके पर जलशक्ति विभाग के मंत्री बलदेव सिंह ओलख, एडीएम जयनाथ यादव, एसपी संजीव सुमन, एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा, एसडीएम विजय वर्धन तोमर, सीओ पवन कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष उमेश राणा, गढ़ विधायक डॉ. कमल मलिक, हापुड़ सदर विधायक विजय पाल आढ़ती, हापुड़ नगरपालिका चेरमैन प्रफुल्ल सारस्वत, विधायक महेंद्र खडगवंशी, पूर्व मंत्री मदन चौहान, हापुड़ पालिका चेयरमैन प्रफुल्ल सारसवत, आदि बीजेपी के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

वहीं चेतन चौहान के निधन से उनके बुलंदशहर जनपद स्थित पैतृक गांव पवसरा में शोक छाया गया है। ग्रामीणों ने चेतन चौहान के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। भाजपा के औरंगाबाद मंडल अध्यक्ष ज्ञानेंद्र भारद्वाज ने बताया कि चेतन चौहान मूल रूप से गांव पवसरा गांव के निवासी थे। इनके पिताजी मूढापांडे मुरादाबाद में परिवार के सदस्यों के साथ जाकर बस गए थे, जबकि अन्य परिवारीजन आज भी गांव में ही रहते हैं। चेतन चौहान का जन्म भी मूंढापांडे गांव में हुआ था।

