ऑक्सीजन की कमी वाले एलएसी पर लॉजिस्टक तंत्र एक्टिव, चीन को ऐसे मात देगा भारत

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ऑक्सीजन की कमी वाले एलएसी पर लॉजिस्टक तंत्र एक्टिव, चीन को ऐसे मात देगा भारत

  • हर साल करीब चार महीने तक लद्दाख के पहाड़ों के बीच के दर्रे ढक जाते हैं
  • खच्चरों से लेकर विमान तक सारी रसद पहुंचेगी भारतीय सैनिकों के पास

अमित बिश्नोई

ऑक्सीजन की कमी वाले एलएसी पर लॉजिस्टक तंत्र एक्टिव, चीन को ऐसे मात देगा भारत
अमित बिश्नोई

भारत और चीन के बीच गतिरोध तमाम वार्ताओं के बाद भी समाप्त नहीं हो रहा है. चीन की आेर से धमकी दी गई है कि दुर्गम स्थानों वाली जगह जहां टेम्प्रेचर जमा देने वाली ठंड से भी नीचे गिर जाता है वहां पर तैनात रहेगी. चीन की इस गीदड़ भभकी पर भी सेना अपनी तैयारी में जुटी है. आपको बता दें कि यह ऐसे इलाके होते हैं जहां ऑक्सीजन की कमी होती है. चार महीने तक पहाड़ाें के बीच के दर्रे ढक जाते हैं. 15000 फीट से ऊपर तैनाती होती है. भारत ने इतनी ऊंचाई तक अपने जवानों की सहायता के लिए खच्चर से विमान तक सबकुछ पहुंचाना मई से शुरू कर दिया है. अफसरों के मुताबिक अब तक का यह सबसे बड़ा अभियान है. आइए जानते हैं कि चीन को मुहंतोड़ जवाब देने के लिए भारत कितना तैयार है…

पहले हटाए चीनी एप्स, अब समुंदर पर टिकी भारत की नजरें

मेक इन इंडिया के तहत चीन के प्रोडक्ट्स पर लगातार वार हो रहा है. ज्यादा से ज्यादा चीजें यहां बनाने की तैयारी हो रही है. 244 एप्स को बैन करने के बाद अब इंडिया की नजर समुद्री सुरक्षा और बढ़ाने पर टिकी हैं. अब चीनी टग बोट का यूज नहीं होगा. भारत में बनी हुई टग बोट का यूज किया जाएगा.अब आपके जेहन में सवाल होगा कि आखिर यह टग बोट होती क्या है. आपको बता दें कि इसका यूज बड़े शिप को सही ठिकाने पर लगाने के लिए किया जाता है.

टगबोट की कितनी कीमत होती है?

50 से 80 करोड़ रुपए तक एक टगबोट की कीमत होती है. भारत की बात की जाए तो इस समय तकरीबन 800 टगबोट हैं. इसमें से ज्यादातर विदेशी है.अब इंडिया में बनी हुई टग बोट का यूज किया जाएगा.

इजराइल से अवाक्स की डील

भारत ने हाल ही में इजराइल से अवाक्स की डील की है. आपकों बता दें कि यह जमीन और हवा में सर्विलांस सिस्टम के अनुकूल वातावरण बना देता है. इससे हवाई हमले रोकने में मदद मिलती है. यह एेसी जगह यूज होता है जहां ग्राउंड सर्विलांस संभव नहीं हो पाता. आपको बालाकोट हमला याद होगा. इसके बाद भारत में अवाक्स की आवश्यकता को लेकर दोबारा बहस छिड़ गई थी.

पहाड़ों पर चढ़ाई का हौसला नहीं जुटा पाते चीनी सैनिक

क्या आपको पता हैं कि चीन के सैनिक पहाड़ों पर चढ़ाई का हौसला नहीं जुटा पाते. युद्ध की गर्मी पर चॉकलेट की तरह पिघल जाते हैं.लेकिन आपको बता दें कि चीन धोखा देने में माहिर है. 15 जून 2020 की रात धोखे से नये पीएलए के रंगरूटों ने भारतीय सेना पर हमला कर दिया। धोखे से हुए हमले में 20 भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए, लेकिन इसके बावजूद बहादुर भारतीय सैनिकों ने 60 से ज्यादा पीएलए सैनिकों को मार गिराया. चीन अब फाइबर केबिल बिछा रहा है. जिससे एलएसी पर अग्रिम लेवल पर तैनात चीनी सैनिकों का संपर्क उनकी सेना से हो सके.

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