नई दिल्ली।भारतीय टीम के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सुझाव दिया कि अगर दूसरे छोर का बल्लेबाज (नॉन स्ट्राइकर) गेंद फेंकने से पहले क्रीज से काफी आगे निकल जाए तो गेंदबाजों के लिए फ्री बॉल जैसे नियम लागू करना चाहिए. वह हालांकि अपने रुख पर कायम हैं कि ऐसी स्थिति में बल्लेबाज को आउट करना गलत नहीं है.
उठे थे खेल भावना पर सवाल
अश्विन ने पिछली बार आइपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब और राजस्थान रॉयल्स के मैच में जोस बटलर को इस तरह से आउट किया था जिसके बाद खेल भावना को लेकर सवाल उठने लगे थे. अश्विन ने हालांकि जो किया था वह नियमों के मुताबिक था, लेकिन उनकी नई आइपीएल टीम दिल्ली कैपिटल्स के कोच रिकी पोंटिंग ने हाल में कहा था कि वह अश्विन से बात करेंगे और उन्हेंं बल्लेबाज को इस तरह से रन आउट नहीं करने के लिए कहेंगे.
गेंदबाजों को भी मिले मौका
भारतीय विकेटकीपर और कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाड़ी दिनेश काॢतक ने मांकड़ रन आउट को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि नियमों के मुताबिक आउट होने के इस तरीके को खेल भावना या (वीनू) मांकड़ के नाम से जोडऩा गलत है. अश्विन ने काॢतक की बात का जवाब देते हुए ट्वीट किया, ‘गेंदबाज के लिए फ्री बॉल लागू करें. अगर बल्लेबाज इस तरह की गेंद पर आउट होता है तो बल्लेबाजी टीम के पांच रन काटे जाने चाहिए. अगर रोमांच बढऩे के लिए फ्री हिट हो सकता है तो गेंदबाजों को भी एक मौका मिलना चाहिए. हर कोई अब इस उम्मीद के साथ मैच देखता है कि गेंदबाजों की आज धुनाई होगी.Ó
फ्री हिट जैसा है मौका
अश्विन का सुझाव फ्री हिट की अवधारणा की तरह है, जिसमें गेंद फेंकते समय अगर गेंदबाज का पैर पोपिंग क्रीज के बाहर निकल जाता तो उसके बाद वाली गेंद पर बल्लेबाज के पास आउट होने के डर के बिना अधिकतम रन बनाने का मौका होता है.

