मुंबई । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा है कि भारतीय क्रिकेट का घरेलू सत्र तभी शुरू होगा जब युवा खिलाडिय़ों का रणजी ट्रॉफी मैचों के लिए देश के अंदर यात्रा करना सुरक्षित होगा. भारत के घरेलू टूर्नामेंटों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है क्योंकि कोरोना वायरस महामारी के कारण आइपीएल अगर अक्टूबर में होता है तो सत्र में मैचों की संख्या कम करनी पड़ेगी.
जूनियर क्रिकेट में लगेगा समय
घरेलू सत्र 2020-2021 की शुरुआत अगस्त के अंत में विजय हजारे ट्रॉफी के साथ होनी थी, जबकि इसके बाद रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का आयोजन होना था. पिछले सत्र में लॉकडाउन की शुरुआत के कारण ईरानी ट्रॉफी को रद किया गया था. घरेलू और जूनियर क्रिकेट के बारे में पूछने पर गांगुली ने एक यूट्यूब चैनल से बात करते हुए कहा, ये जरूरी हैं, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के नियंत्रित होने के बाद ही ये होंगे. हालात सुरक्षित होने के बाद ही, विशेषकर जूनियर क्रिकेट.
नहीं ले सकते जोखिम
गांगुली ने कहा कि भारत बड़ा देश है और मैचों के लिए टीमों को एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करनी होती है और इसलिए घरेलू क्रिकेट तब तक शुरू नहीं होगा जब तक कि सब कुछ सुरक्षित नहीं होता. बीसीसीआइ प्रमुख ने कहा, हम युवा खिलाडिय़ों को लेकर जोखिम नहीं लेना चाहते. हमारा देश इतना बड़ा है और हमारा घरेलू क्रिकेट इतना मजबूत है कि सभी को खेलने के लिए यात्रा करनी पड़ती है, इसलिए जब तक यह सुरक्षित नहीं होगा तब तक इसका आयोजन नहीं होगा. इसी तरह आयु वर्ग के टूर्नामेंटों का आयोजन भी फिलहाल नहीं होगा.

