मेरठ। मेरठ कैंसर हॉस्पिटल के डॉक्टर्स की टीम ने कमाल कर दिया। पैर की हड्डी से जबड़ा बनाकर कैंसर के मरीज को 12 दिन में स्वस्थ भी कर दिया। कैंसर एक्सपर्ट डॉ उमंग मित्तल ने मेरठ में कैंसर ने पीड़ित मरीज के इलाज़ में नई तकनीक जोड़कर इतिहास रच दिया। अभी तक इस तरह के प्रयोग करने का ये पहला मामला सामने आया है।
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फिबुला ने बनाया नया जबड़ा
डॉ उमंग ने बताया कि ये पहली बार है जब कैंसर के इलाज़ में इस तरह का प्रयोग किया गया। उन्होंने बताया कि इसके लिये उन्होंने पैर की हड्डी का प्रयोग किया। जिसे फिबुला कहते हैं। इस हड्डी को उन्होंने मॉडिफाई किया। उनके साथ डॉ भानु प्रताप और उनकी टीम ने काफी मेहनत की। फिबुला से बनाये गए जबड़े को उन्होंने ऑपरेशन के जरिये फिट किया।
शत-प्रतिशत सफल हुआ प्रयोग
डॉ उमंग मित्तल ने बताया कि अभी तक मुंह और जबड़े के कैंसर के अलग-अलग ऑपरेशन होते हैं। जिसमें आधा जबड़ा और जीभ को हटाकर नया जबड़ा प्लास्टिक सर्जरी से बनाया जाता था। हालांकि इससे मरीज भी ठीक हो जाते थे। उन्होंने बताया की उनके पास मुंह के कैंसर का एक ऐसा मरीज आया जिसका कैंसर की वजह से नीचे का पूरा जबड़ा निकालना पड़ा। जबड़ा निकालने की वजह से मरीज का पूरा जीवन बहुत कष्टमयी हो गया था। इससे निजात दिलाने के लिए ही डॉ उमंग और उनकी टीम ने ये प्रयोग किया और शत-प्रतिशत सफलता भी हासिल की।
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12 दिन में ठीक हो गया मरीज
डॉ उमंग ने बताया कि आमतौर पर कैंसर के मरीज को ऑपरेशन के बाद ठीक होने में काफी वक्त लगता है। लेकिन ये मरीज ऑपरेशन के बाद 12 दिन में ही बिल्कुल ठीक हो गया। वह मुंह से निगल सकता है और तरल पदार्थ भी ले सकता है। मरीज बोल-चाल भी रहा है। उन्होंने बताया की बहुत कम ख़र्च में ही कैंसर के मरीज को अपने दुख से निजात मिल गयी। मेट्रो सिटी के मुकाबले उनके यहां काफी कम खर्च में ऑपरेशन हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी इस तरह से नए प्रयोग कर कैंसर के मरीजों का इलाज किफायती खर्च में करते रहेंगे

