चाणक्य नीति: ऐसे लोगों से एक पल भी दोस्ती नहीं रखनी चाहिए

लाइफस्टाइलचाणक्य नीति: ऐसे लोगों से एक पल भी दोस्ती नहीं रखनी चाहिए

Date:

दोस्ती ही एक ऐसा रिश्ता है जिसे इंसान अपने लिए चुनता है। जो खुशी और शांति आपको अपने दोस्त के साथ मिल सकती है, वह आपको कहीं और नहीं मिल सकती। लेकिन ये तभी हो सकता है जब आपका दोस्त सच्चा हो. आजकल लोग अपने स्वार्थ के लिए दोस्ती करते हैं। जरूरत पड़ने पर ये अपने दोस्तों को अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करने से पहले सोचते भी नहीं हैं. भगवान कृष्ण-सुदामा जैसी मित्रता निभाने की हिम्मत अब किसी में नहीं है। इसलिए दोस्तों को परखना बहुत जरूरी है. अगर आप साथ में पार्टी करने वाले या घूमने-फिरने वाले लोगों को दोस्त समझने की गलती कर रहे हैं तो अब सावधान होने का वक्त आ गया है।

सर्वकालिक सबसे कुशल कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने अपने नीति ग्रंथ में लोगों से मित्रता कैसे नहीं करनी चाहिए और सच्चे मित्र की पहचान कैसे करनी चाहिए, इसके बारे में विस्तार से लिखा है। यहां हम आपको कुछ ऐसी बाते बताने जा रहे है जिसकी मदद से आप एक अच्छे दोस्त की पहचान कर सकते है –

मृदुभाषी मित्र

ऐसे दोस्तों से बहुत दूर रहना चाहिए जो आपके सामने तो आपकी तारीफ करते हैं लेकिन दूसरों के सामने आपकी बुराई करने से नही चुकते हैं।

ऐसा करने वाले लोग जरूरत पड़ने पर अपने मकसद के लिए आपकी कुर्बानी देने से पहले सोचते भी नहीं हैं। सच्चा दोस्त वही होता है, जो आपकी गलती आपके मुँह पर बताने की हिम्मत रखता हो और कभी दूसरों से आपकी बुराई न सुनता हो।

इधर से उधर करने वाले दोस्त

ऐसे लोग जिन्हें गपशप करना पसंद है वो किसी के सगे नहीं होते. वो जैसे आपके सामने दूसरो कि बाते कर देते है वैसे ही आपकी बाते कि दूसरो के आगे कर देते होगे ।

इसलिए ऐसे लोगों को कोई भी राज बताना या अपने पास रखना घाटे का सौदा है।

जरूरत पड़ने पर वहां मौजूद न होना

संकट के समय ही अपनों की असली पहचान होती है। सुख के समय सभी लोग आपके साथ खड़े होते हैं, इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है।

ऐसे में अगर कोई दोस्त आपकी जरूरत के वक्त गायब रहता है, आपका साथ न देने के पीछे कोई न कोई बहाना बनाता है तो यह संकेत है कि आपको ऐसे व्यक्ति के साथ दोस्ती खत्म कर देनी चाहिए। ऐसे लोग सिर्फ एक भीड़ कि तरह होते है जो आपसे मतलब के लिए जुड़े होते हैं।

विपरीत स्वभाव के लोगों से मित्रता

आर्चाय चाणक्य भी कहते हैं कि जिस प्रकार सांप-नेवला, बकरी-बाघ, हाथी-चींटी, शेर-कुत्ता मित्र नहीं हो सकते, उसी प्रकार विपरीत स्वभाव वाले व्यक्ति से भी दूर रहना चाहिए।

भले ही आज ऐसा व्यक्ति आप पर खूब प्यार लुटा रहा हो, लेकिन जैसा उसका स्वभाव है, वह एक दिन जरूर बदल जाएगा और इसकी कीमत आपको भारी नुकसान पहुंचाकर चुकानी पड़ सकती है।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related