- गेंदे के फूल के डिजाइन पर बनी अंगूठी को देख हैरत में हैं लोेग
मेरठ। नाम कमाना है तो कुछ अलग करके दिखाना होगा। युवावस्था में ही इस बात को मन में ठान चुके मेरठ के युवा हर्षित बंसल ने वह कारनामा कर दिखाया है जिससे उनका नाम तो गिनीज बुुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हुआ ही साथ ही उनके गृहनगर मेरठ का नाम भी विश्व पटल पर रोशन हो गया। हर्षित बंसल ने 12638 हीरो को तराशकर गेंदे के फूल की आकृति की ‘द मैरीगोल्ड’ डायमंड रिंग बनाने में कामयाबी हासिल की है। अंगूठी को बनाकर हर्षित बसंल ने हैदराबाद के श्रीकांत का रिकाॅर्ड तोड़ दिया है। श्रीकांत ने गोलाकार एब्सट्रेक्ट डिजायन में 7801 हीरों को मिलाकर अंगूठी बनाई थी। इस डायमंड रिंग की रोशनी ने ज्वेलरी डिजाइनिंग के क्षेत्र में भारत के सुनहरे भविष्य की चमक भी दिखा दी है।
तीन साल की अथक मेहनत
मेरठ के सूर्या नगर निवासी हर्षित बंसल ने सूरत व मुंबई से डायमंड ज्वैलरी डिजायनिंग और एनआईजेटी मेरठ से हीरों की ग्रेडिंग सीखी है। प्रशिक्षण के दौरान ही हर्षित ने कुछ ऐसा कर दिखाने की सोच मन में ठान ली थी जिससे देश और उनका नाम विश्व पटल पर रोशन हो सके। इसी सोच को लेकर बैचेन रहने वाले हर्षित के मन में खास तरह की अंगूठी बनाने का ख्याल आया। तीन साल की अथक मेहनत के बाद हर्षित बंसल ने 12638 हीरों को तराश कर गेंदे के फूल की आकृति की यह अनूठी अंगूठी तैयार की है।
विश्व विख्यात हुए हर्षित
शहर सराफा स्थित मैसर्स रेनानी ज्वैलर्स के प्रबंध निदेशक हर्षित बंसल विश्व के पहले ऐसे व्यक्ति बन गए हैं, जिसने इतने हीरे एक अंगूठी में सजाए हैं। 30 नवंबर को हर्षित ने यह विश्व कीर्तिमान बनाया था। लंदन से गिनीज बुक आफ वल्र्ड रिकाॅर्ड ने उनकी इस उपलब्धि को सम्मान देते हुए वर्ल्ड रिकाॅर्ड में दर्ज कर दिया है। बताया गया कि जल्द ही गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकाॅर्ड की टीम भारत आकर हर्षित बंसल को सम्मानित करेगी।
शानदार लुक वाली अंगूठी गुणवत्ता में भी खरी
हर्षित बंसल ने बताया कि द मैरीगोल्ड डायमंड रिंग में लगे सभी हीरे वीएसवीवीएस गुणवत्ता के नेचुरल व आईजीआई प्रमाणित हीरे हैं। द मैरीगोल्ड डायमंड रिंग नाम की इस अंगूठी का वजन 165.450 ग्राम, हीरों का वजन 38.08 कैरेट, अंगूठी में 18 कैरेट शुद्धता का सोना लगा है। अंगूठी में 8 लेयर, 138 पत्तियां हैं और हर पत्ती का आकार व डिजायन अलग है। हर पत्ती में लगभग समान आकार के हीरे जड़े हैं। रिंग का साइज 3 इंच चौड़ा, 1.75 इंच ऊंचा है। सोने का मैरीगोल्ड बनाकर उस पर हीरे जड़े गए हैं। लगभग तीन साल में बनकर तैयार हुई अंगूठी का डिजायन हर्षित ने तैयार किया और सूरत में कंपनी के 28 कारीगरों ने इसे साकार रूप दिया। इस अंगूठी को बेचे जाने की बात से इंकार करते हुए हर्षित ने कहा कि यह अंगूठी उन्होंने अपना सपना पूरा करने के लिये बनाई है।

