रंगबिरंगी कांवड़ व झांकियों के साथ शिवभक्त भगवान शिव के भजनों के साथ मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। विशाल कांवड़ और मनमोहक झांकियां श्रद्धालुओं को बरबस अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। डाक कांवड़ियों का काफिला अब हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकल चुका है। डीजे की धुन और हर-हर महादेव जयकारों से पूरा हाइवे गुंजायमान हो रहा है। शिवभक्तों के स्वागत में कांवड़ सेवा शिविर पलक बिछाए हुए हैं। हाइवे का मुख्य मार्ग रंगबिरंगी रोशनी से जगमगा है। जगह-जगह कांवड़ सेवा शिविर में शिवभक्तों की खातिरदारी हो रही है।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर कांवड़ियों का जत्था बढ़ता जा रहा है। इस साल अन्य सालों के मुकाबले महिला कांवड़ियों की संख्या अधिक दिख रही है। महिला कांवड़ियां श्रद्धा के पथ पर शिव के जयघोष के साथ आगे बढ़ रही हैं। पक्की सड़क हो या फिर कच्ची पगड़ड़ी कांवड़िए अपनी मंजिल की ओर बढ़ते जा रहे हैं। शिवानी पहली बार अपने पति के साथ कांवड़ लेने हरिद्वार पहुंची हैं। उसका कहना है कि उनके परिवार में सुख शांति बनी रहे इस कारण से गंगाजल उठाया है।
झज्जर की वीरमति का कहना है कि बेटे की नौकरी की मन्नत मांगी थी। परिवार में सुख-शांति बनी रहे। भाईचारे का माहौल हो शांति से गुजर-बसर करें।गुरुग्राम की सरिता पति वीरपाल के साथ कांवड़ लेकर आ रही है। दंपती का कहना है कि कोरोना काल से पहले वह कांवड़ लाना चाहते थे। लेकिन तब नहीं ला सकें। इस बार अवसर मिला तो कांवड़ लेने आए हैं। नेपाल का कांवड़िये भी शिवभक्ति में डूबे हुए हैं। दिल्ली में रह रहे नेपाली युवक ललित ने बताया कि वह प्राइवेट जॉब करता है। भगवान शंकर का भक्त है। भोलेनाथ से सुख-शांति की प्रार्थना करते हुए कांवड़ लाया है।

