मेरठ। नव संवत्सर और चैत्र नवरात्र प्रारंभ हो चुके हैं। कुछ ग्रह और नक्षत्र भी परिवर्तन की ओर बढ़ रहे हैं। इसी में एक है राहू ग्रह। जो कि अपनी राशि में परिवर्तन कर रहे हैं। यह परिवर्तन आगामी 12 अप्रैल को होगा। हिंदू नव वर्ष के शुरूआत में 12 अप्रैल को मंगलवार के दिन छाया ग्रह राहू का परिवर्तन वृष से मंगल की राशि मेष में होने जा रहा है।
12 अप्रैल के बाद एक वर्ष तक राहू मेष राशि में गोचर रहेंगे। इनका व्यापक प्रभाव सभी 12 राशियों एवं लग्नो पर पड़ेगा।
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राहू छाया ग्रह है। जिस राशि में गोचरीय करते हैं फल भी उसी के अनुसार प्रदान करते हैं। मेष राशि में गोचरीय संचरण की स्थिति में इसकी तत्व कारक राशि अग्नि है। ऐसी स्थिति में इनके तीव्र वृद्धि होगी और वातावरण में गर्मी बढ़ेगी। इससे व्यक्ति के जीवन में भी तीव्रता आएगी। मेष राशि वालों पर यह अधिक प्रभाव डालेगा। मेष राशि में रहकर मेष राशि वालों की मानसिक चिंता बढ़ाने के साथ ही उनकी एकाग्रता भंग करेंगे। इसी के साथ सिर में दर्द और नसों की समस्या भी होगी। इसी के साथ संतान पक्ष से चिंता की स्थिति बनेगी। मेष राशि के जातकों के दांपत्य जीवन में भी तनाव आएगा।
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राहु की अगली दृष्टि धनु राशि पर होगी। इससे भाग्य वर्धक कार्यो में अस्थिरता के साथ ही पिता स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। राहु मेष राशि में रह करके अपनी सभी दृष्टिओ में और स्थिरता उत्पन्न करेंगे। राहू की शांति के लिए पूजा के अलावा दुर्गा उपासना अति उत्तम उपाय है। इसके अलावा भैरव की उपासना और रुद्राभिषेक शुभ वृद्धि कराने वाला होगा।

