एमबीए छात्रा अनु गुप्ता की संदिग्ध मौत के बाद कैंपस में उबाल, परिजनों ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
रात में गर्ल्स हॉस्टल में घुसे टीचर का वीडियो वायरल; छात्राओं को धमकाने और फुटेज डिलीट कराने का आरोप
मेरठ। मेरठ के गंगानगर स्थित आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में एमबीए छात्रा अनु गुप्ता की मौत ने पूरे कैंपस को विवादों में ला दिया है। सहारनपुर निवासी 23 वर्षीय अनु बुधवार सुबह गर्ल्स हॉस्टल की बिल्डिंग से गिरकर गंभीर हालत में मिली थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद यूनिवर्सिटी में भारी हंगामा शुरू हो गया।
पुलिस के मुताबिक अनु तीसरी मंजिल पर कमरा नंबर 63 में रहती थी। सीसीटीवी फुटेज में वह स्टेयरवेल की तरफ जाती दिखाई दी है। कुछ सेकेंड बाद वह नीचे गिरी मिली। उसके चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें थीं। पुलिस मोबाइल फोन, चैट और कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
मामला तब और भड़क गया जब यूनिवर्सिटी के शिक्षक लखविंदर सिंह का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आरोप है कि छात्रा की मौत के बाद रात करीब 11 बजे वह गर्ल्स हॉस्टल में घुस गया और छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। वीडियो बना रही छात्राओं पर फुटेज डिलीट करने का दबाव डालने और धमकाने के आरोप भी लगे हैं। वायरल वीडियो के बाद छात्रों और परिजनों में गुस्सा बढ़ गया।
अनु की बहन तनु के मुताबिक बुधवार सुबह उसकी अनु से बात हुई थी। उसने बताया था कि वह असाइनमेंट तैयार कर रही है। कुछ देर बाद रूममेट ने फोन पर बताया कि कोई लड़की सीढ़ियों से गिर गई है। इसके बाद परिवार तुरंत मेरठ पहुंचा।
परिजनों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर सही जानकारी छिपाने और मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कम उपस्थिति के कारण अनु को परीक्षा में बैठने से रोका जा रहा था। छात्रों ने भी डिबार, फाइन और अकादमिक दबाव को लेकर विरोध जताया।
इसी बीच कथित सुसाइड नोट को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। एक छात्रा ने दावा किया कि घटना के बाद फर्जी नोट तैयार करने की कोशिश हुई। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
घटना के विरोध में छात्रों ने यूनिवर्सिटी गेट पर धरना दिया और एचओडी, वार्डन व प्रशासन पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने समेत विभिन्न बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है।
