लखनऊ। रायबरेली में दबंगों ने एक दलित युवक को न सिर्फ अगवा किया बल्कि उससे जबरन पैर भी चटवाया। इस आमनवीय कृत्य से दलित समाज के लोगों में रोष है। पहले बहुजन समाज पार्टी के लोगों ने युवक के घर जाकर उसे ढांढ़स बंधाया तो वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ बुलाकर पीड़ितों से मुलाकात की।
गौरतलब है कि रायबरेली के जगतपुर निवासी विपुल पासी को क्षेत्र के दबंगों ने अगवा कर लिया था। साथ ही उसको धमकी देकर अपने पैर भी चटवाये। अखिलेश यादव ने पीड़ित के प्रति सहानुभूति जताते हुए उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
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उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी उन वंचितों के साथ खड़ी है जिन पर सत्ता अत्याचार कर रही है। इस मौके पर पूर्व मंत्री आर के चौधरी, ब्रम्हाशंकर त्रिपाठी, मनोज पाण्डेय विधायक, समाजवादी पार्टी रायबरेली के जिलाध्यक्ष इं. वीरेन्द्र यादव और जिला सचिव व राष्ट्रीय पासी सेना के अध्यक्ष संजय पासी भी मौजूद थे।
पीड़ित विपुल पासी ने बताया कि 10 अप्रैल को गांव का ही एक व्यक्ति उन्हें बुलाकर ले गया। जहां पर कुछ लोग उसे अपनी गाड़ी में जबरन बिठाकर घर से 5 किलोमीटर दूर जंगल में ले गए। अवैध तमंचा लगाकर उसे गोली मारने की धमकी दी। आरोपी उत्तम सिंह ने उसको अपने पैर चाटने के लिए मजबूर किया और कहा कि तुम्हारे बाप दादा भी गुलाम थे।
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पैर चाटने पर विपुल की जान बची। आरोपित ने इसका वीडियो भी खुद बनाया। इस घटना के बाद भी जगतपुर थाने की पुलिस पीड़ित पर समझौता करने का दबाव बना रही थी। लेकिन जब स्थानीय लोगों ने थाने का घेराव और बड़ा प्रदर्शन किया तब 5 लोगों की गिरफ्तारी के साथ नाबालिग लड़के की तरफ से हल्की धाराओं में एफआईआर लिखी गई।
उसमें भी मुख्य आरोपित को बचा लिया गया। वह अभी तक फरार है। सपा की ओर से पीड़ित पक्ष द्वारा आरोपित के घर पर बुलडोजर चलाने, सुरक्षा एवं मुआवजा दिए जाने तथा केन्द्रीय विद्यालय में प्रवेश दिलाने की मांग की गई है।
