देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना के खत्म होने के बाद से पर्यटन सीजन इस समय अपने उफान पर है। उत्तराखंड के पर्यटन स्थल देहरादून,मसूरी, ऋषिकेश और नैनीताल के अलावा धनोल्टी में इस बार दो साल में पहली बार सैलानियों की इतनी भीड़ पहुंची है। ऋषिकेश,मसूरी और नैनीताल में आलम ये है कि इन शहरों में आधे से अधिक सैलानियों को होटलों में जगह नहीं मिलने के कारण वापस लौटना पड़ा है। ऋषिकेश और नैनीताल में तो पिछले दो दिन से हर सड़कों पर जाम है। देहरादून से मसूरी जाने वाली सड़क पर शनिवार सुबह से ही जाम लगा हुआ है।
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उत्तराखंड के सभी रिजॉर्ट, होटल, होमस्टे, गेस्ट हाऊस के अलावा पार्किंग पूरी तरह से फुल हैं। जिसके चलते बड़ी संख्या में सैलानियों को रास्तों से वापस लौटना पड़ा है। उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों में गत गुरुवार की रात से ही सैलानियों का आगमन शुरू है। जिसके चलते होटल और रिजार्ट पूरी तरह से फुल हो गए। नैनीताल में भी शुक्रवार से यही हाल है। नैनीताल में पार्किंग की कहीं कोई जगह नहीं बची है। वाहनों के भारी दबाव के चलते पुलिस ने रूसी और नारायणनगर में वाहनों को रोक दिया। जिसके चलते सैलानियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सैलानियों के उत्तराखंड में आने से प्रमुख शहर के प्रवेश द्वारों पर काफी विकट स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रदेश के सभी पर्यटन जिलों में सैलानियों की भीड़ से यातायात व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है। पुलिस का ट्रैफिक प्लान भी पूरी तरह से फेल हो गया। ऋषिकेश,नैनीताल, हरिद्वार,मसूरी और देहरादून में सैलानी पूरे दिन कई किमी लंबे जाम में फंसे रहे। बाहर से आए सैलानियों के जाम के चलते स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

