NPA: देश के बैंकों का NPA रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर, वित्त मंत्री ने दिए ये दिशा निर्देश

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Public Sector Bank Heads Meeting: मार्च 2023 की समाप्त तिमाही में के मुकाबले बैंकों का शुद्ध एनपीए 1.24 फीसद आ चुका है। बैंकों के एनपीए का ये स्तर कुछ सालों पहले 10 फीसद से अधिक होता था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों के एनपीए के घटने पर प्रसन्नता जताई है। लेकिन बैंकों के प्रमुखों को यह निर्देश दिया है कि फंसे कर्जे को लेकर उनको सतर्क रहना होगा।
सरकारी क्षेत्र के बैंकों की बड़ी मुसीबत फंसे कर्जे (NPA) होते हैं। सरकारी बैंकों की ये समस्या काफी हद तक काबू में आ चुकी है। मार्च, 2023 की समाप्त तिमाही में शुद्ध एनपीए का स्तर 1.24 फीसद आ गया है। यह स्तर कुछ सालों पहले 10 फीसद से अधिक था। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रसन्नता जताते हुए बैंकों के प्रमुखों को निर्देश दिया हैं कि वे फंसे कर्जे को लेकर सावधान रहें।

ग्रामीण क्षेत्रों को पर्याप्त कर्ज वितरण करें Bank

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि बैंकों को निरंतर एनपीए स्थिति की निगरानी पारदर्शी तरीके से करते रहना चाहिए। इसके लिए सही तरीके से इनकी समय पर पहचान करने की बैंक की व्यवस्था जारी रहनी चाहिए। गुरुवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक प्रमुखों के साथ बैठक में वित्त मंत्री ने इनके काम काज की समीक्षा की। उन्होंने बैंकों को अपने प्रदर्शन को सुधारने को लेकर कुछ सुझाव दिए हैं। बैठक में वित्तमंत्री ने बैंकों को खास तौर पर निर्देश दिया कि वह ग्रामीण, कृषि व समाजिक क्षेत्रों को पर्याप्त कर्ज वितरण करें।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्राथमिकता क्षेत्र को कर्ज देने संबंधी सभी लक्ष्यों को समय से पूरा किया जा सके। रेहड़ी-पटरी पर दुकान लगाने वालों को वित्तीय सुविधा देने पर खास जोर देने का सुझाव वित्त मंत्री ने दिया। इसके लिए पीएम स्वनिधि नाम से एक बैंकिंग कार्यक्रम चलाया जा रहा है। वित्त मंत्री को बताया गया कि इस कार्यक्रम के तहत 33 लाख लोगों को लाभ पहुंचाया जा चुका है।

पीएम स्वनिधि के कवरेज को बढ़ाने के लिए चलेगा अभियान

वित्त मंत्री ने कहा कि इन लोगों को डिजिटल भुगतान का लाभ दिलाने का अभियान शुरू किया जाए। फैसला किया गया कि पीएम स्वनिधि को बढ़ाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। वित्त राज्य मंत्री डॉ. बीके कराड इसकी निगरानी करेंगे। वित्त राज्य मंत्री शहरी निकायों के साथ मिलकर अभियान चलाएंगे।

वित्त मंत्री ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की स्थिति पर खास तौर पर जोर दिया है। बैंकों को कहा है कि वह अपने आरआरबी में तकनीकी उन्नयन के लिए निर्धारित अवधि में उचित कदम उठाएं। आरआरबी को अधिक सक्षम व प्रभावशाली बनाना जरूरी है। वित्त मंत्री ने 21 जुलाई से अगरत्तला में आरआरबी की स्थिति की समीक्षा बैठक बुलाई है। जिसमें देश के हर हिस्से में स्थिति आरआरबीआइ व उनके प्रवर्तक बैंक के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

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